धरती को हरियाली से आच्छादित करने करने के लिए पिछले आठ वर्षों में करोड़ों रुपये खर्चकर अलग-अलग प्रजाति के करीब एक करोड 39 लाख 26 हजार 682 पौधे लगाए गए। इसमें से खोजने पर 50 फीसदी पौधे भी सलामत नहीं मिलेंगे। हालांकि सरकारी विभाग का 80 फीसदी से ज्यादा पौधों को बचाने का दावा कर रहा है यानि एक करोड़ से अधिक पौधे सलामत हैं। इस साल भी प्रदेश में वर्ष 2021-22 में 30 करोड़ पौधों का रोपण किया जाना है। इसमें जिले में वन विभाग 19 लाख 10 हजार और अन्य विभाग मिलकर 33 लाख, 97 हजार, 353 पौधे लगाएंगे। पिछले कई वर्षों की तुलना में अबकी दस फीसदी ज्यादा लक्ष्य दिया गया है। इस तरह साल दर साल पौधे लग रहे हैं लेकिन जिले में हरियाली कम होती जा रही है। वन क्षेत्र का दायरा सिकुड़ता गया है। पौधों के रखरखाव की जिम्मेेदारी किसकी है यह कोई बताने को तैयार नहीं है। पौधों की सुरक्षा पर शासन की ओर से भारी भरकत रकम भी अदा की जाती है। करोड़ रुपये खर्च कर लगाए गए पौधों में कितना सुरक्षित बचा है यह सभी जानते हैं।