आजमगढ़। ब्लाक लालगंज के गांव लखमीपुर उबारपुर में 1.80 लाख के अनियिमत भुगतान के मामले में सहायक विकास अधिकारी के खिलाफ शासन को पत्र भेजा गया है। वहीं, प्रधान के वित्तीय अधिकारी छीन लिए गए हैं। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।
ब्लाक लालगंज के गांव उबारपुर लखमीपुर के प्रधान ने शिकायत की थी कि विद्यालय की मिट्टी भराई के नाम पर पेमेंट करना था, लेकिन उक्त धनराशि से सोलर लाइट के नाम पर 1.80 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। सोलर लाइट का एमबी और स्टीमेट बना ही नहीं था। प्रधान ने आरोप लगाया कि मुझे गुमराह करके तत्कालीन सचिव लाल साहब सिंह ने हस्ताक्षर करा लिया था। शिकायत मिलने पर डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी और अवर अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग से जांच कराई। जांच में पाया गया कि तत्कालीन सचिव एवं वर्तमान सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) अंबेडकरनगर साहब लाल सिंह पर लगे सभी आरोप सत्य है। प्रधान से विद्यालय की मिट्टी भराई के नाम पर सादे चेक पर हस्ताक्षर लिया गया था। उक्त धनराशि को सोलर लाइट के नाम भुगतान किया गया। सोलर लाइट का एमबी और स्टीमेट नहीं बना था। अनियमित भुगतान के सम्बन्ध में डीएम एनपी सिंह ने लालसाहब सिंह सहायक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए निदेशक पंचायती राज को पत्र जारी करने के निर्देश सीडीओ को हैं। 1.80 लाख के सादे चेक पर हस्ताक्षर कर अनियमितता के प्रकरण में प्रधान भी दोषी है। ऐसी स्थिति में प्रधान ग्राम पंचायत उबारपुर लखमीपुर के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों के सम्पादन पर रोक लगाते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति की गठन किया गया।