वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय देने की सरकार द्वारा बार-बार घोषणा की जा रही है लेकिन समय सीमा के अंदर कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ सरकार वित्तविहीन प्रबंधकों को ही प्रभावी बना रही है ताकि शिक्षकों का शोषण होता रहे। उक्त बातें उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय अध्यक्ष और एमएलसी चेतनरायन सिंह ने बुधवार को जेडी कार्यालय पर आयोजित धरना और प्रदर्शन के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों की लंबित मांगों में से चार मांगों पर सहमति प्रदान की और मीडिया के सामने इसकी घोषणा भी की लेकिन मूल्यांकन पारिश्रमिक मूल्यों में वदि्ध के अतिरिक्त किसी भी बिंदू पर अभी तक शासनादेश निर्गत नहीं किया गया। बोले सरकार चयन बोर्ड से चयनित शिक्षकों को रिक्त पदों पर न भेजकर तदर्थ शिक्षकों के पदों पर भेज रही है। संगठन इसका विरोध कर रहा है।
प्रदेशीय मंत्री नरेंद्र सिंह ने संगठन के निर्माण वर्ष से लेकर अब तक किए संघर्षों पर प्रकाश डाला। धरने के बाद मांगों का ज्ञापन संयुक्त शिक्षा निदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा गया। इस मौके पर अनिरुद्घ त्रिपाठी, केपी सिंह, अजय पाल सिंह, विनय कुमार सिंह, राजेश कुमार राय, रमाशंकर सिंह, शैलेष कुमार सिंह, अश्वनी कुमार तिवारी, नसीम अहमद, शैलेष राय, हरिकेश राय, सुरेश पांडेय, वीरेंद्र त्यागी आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता विजय बहादुर सिंह और संचालन शेषनाथ मिश्रा ने किया।