आजमगढ़। अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के राज्यव्यापी आह्वान पर मेंहनगर तहसील पर धरना दिया गया। राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन दिया गया। अध्यक्षता कामरेड मैनू ने की। संचालन खेग्रामस के संयोजक सुदर्शन राम ने किया। रामकृष्ण यादव ने कहा कि न तो ग्रामीण गरीबों के पास कोई रोजगार है और न ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उन्हें सही तरीके से उचित मात्रा में राशन ही मिल पा रहा है। मेंहनगर क्षेत्र में गरीब महिलाओं को माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कर्ज के दबाव में आत्महत्या करने तक को बाध्य होना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से व स्वयं सहायता समूहों के जरिए लिए गए कर्जों को माफ करने, मनरेगा के तहत वर्ष में 200 दिन काम और 500 रुपए प्रतिदिन मजदूरी देने, शहरी गरीबों के लिए मनरेगा की तरह का कानून बनाने, जन वितरण प्रणाली में सभी गरीबों को शामिल करते हुए राशन के अतिरिक्त दाल,तेल, मसाला, साबुन व मास्क आदि मुफ्त देने, मुसहर समुदाय के हर व्यक्ति को आवासीय पट्टा व आवास देने समेत कई अन्य मांगें की गई। विनोद कुमार सिंह, गुलशन, सुरेश, सुशीला, गीता, प्रियंका, मीना, इंद्रजीत, शिवचरण, रणजीत, जनक दुलारी ने विचार रखे।