34 हाइडिल पर बिजली विभाग के कर्मचारियों का धरना। श्रोत-कर्मचारी
- फोटो : पुलिस गिरफ्त में आरोपी प्रदीप।
आजमगढ। पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में ध्यानाकर्षण सभा आयोजित हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि सरकार जनता पर निजीकरण थोप रही है।
आयोजन में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ सहित संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि प्रबंधन सरकार के इशारे पर प्रदेश को अंधकार में धकेलने का प्रयास कर रहा है, जिसका कर्मचारी संगठन विरोध कर रहे हैं। कहा कि उर्जा निगमों के मूल्यांकन से लेकर कंसल्टेंट की नियुक्ति तक भ्रष्टाचार हुआ है। सरकार जल्दबाजी में प्रदेश की जनता पर निजीकरण थोपना चाहती है। इससे प्रदेश की जनता को महंगी बिजली का दंश झेलना होगा। संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि ऊर्जा निगमों का निजीकरण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं है। अध्यक्षता नितीश सिंह व संचालन प्रभु नारायण पांडेय प्रेमी ने किया। सभा में इंजी. उपेंद्र नाथ चौरसिया, चंद्रशेखर, संदीप चंद्रा, तुषार श्रीवास्तव, वेद प्रकाश यादव, जय प्रकाश, विक्रम वीर सिंह आदि मौजूद थे।