आजमगढ़। नगर के सटे भवनाथ मंदिर परिसर में चल रही संगीतमयी श्रीराम कथा और ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन प्रेममूर्ति संत सर्वेश जी महाराज ने शनिवार को जीवन मूल्यों की व्याख्या की। उन्होंने लोगों को अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
सर्वेश महराज ने कहा कि भगवान जो भी करते हैं सदा अच्छे के लिए ही करते हैं। वह जो भी कार्य करते हैं भक्तों के हित में ही करते हैं। ईश्वर कभी भी अपने भक्तों का अहित नहीं चाहते वह सदा अपने भक्तों को स्वस्थ व प्रसन्न देखना चाहते हैं। जीवन मरण जस अपजस सब प्रभु के हाथ में है। प्रभु की इच्छा के बिना पत्ता भी नहीं हिलता। आगे उन्होंने कहा कि मनुष्य का तन पुण्य आत्मा को ही मिलता है लेकिन मनुष्य इस जीवन का मूल्य समझ नहीं पाता। वह व्यर्थ के कामों में अपने जीवन को गंवा देता है। मानव जीवन अगर आपको मिला है तो आप प्रभु कि भक्ति, चिंतन और पूजन में लगाएं। उन्होंने कथा में जालंधर वध व जय विजय को मिले श्राप तथा रावण द्वारा किए गए तप की कथा को विस्तार पूर्वक सुनाया। इस मौके पर अतरौलिया विधायक डा. संग्राम यादव, प्रमुख बलवंत यादव, डा. जेएन सिंह, विपिन सिंह डब्बू, अनिल सिंह, मेटा सिंह, राजेश रंजन, अरुण सिंह अनाड़ी आदि उपस्थित रहे।