लाटघाट। सात दिनों तक घटने के बाद घाघरा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। नदी का जलस्तर प्रतिघंटे एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदु से 7 सेमी नीचे और डिघिया गेज पर 40 सेमी ऊपर बह रहा है।
बदरहुंआ नाले पर मंगलवार की शाम घाघरा का जलस्तर 71.35 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को 26 सेमी बढ़कर 71.61 मीटर हो गया है। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। वहीं डिघिया गेज पर मंगलवार को नदी का जलस्तर 70.56 मीटर दर्ज किया गया था जो बुधवार को 58 सेमी बढ़कर 70.84 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है।
नदी में गिरिजा बैराज से एक लाख 46 हजार 169 क्यूसेक, शारदा बैराज से एक लाख 42 हजार 466 क्यूसेक और सरयू बैराज से 22 हजार 730 क्यूसेक सहित कुल तीन लाख 11 हजार 365 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान भी शुरू हो गई है। तटवर्ती गांव देवारा खास राजा, बगहवा, बासु का पूरा और झगरहवा में कटान से लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी की कटान देख लोग विस्थापित होना शुरू हो चुके हैं।
नाबालिगों की जिंदगी नाबालिग के हाथ
लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल में नदी के बढ़ते जलस्तर को देख प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था की गई है। लेकिन, नाव की कमान नाबालिग नाविकों के हाथ में हैं। बुधवार को सोनौरा ढ़ाला पर कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जहां एक नाव पर काफी संख्या में बच्चे नाव पर सवार थे और नाव को जो चला रहा था वह खुद ही नाबालिग था।