लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल में बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर तीन दिनों तक बढ़ने के बाद मंगलवार को स्थिर हो गया। जलस्तर स्थिर होते ही नदी के कटान की गति तेज हो गई, इससे सहबदिया, गांगेपुर, परासिया, और राजा के झगरहवा बाढू का पूरा बगहवा गांव प्रभावित हो रहे हैं। कटान अब आबादी के नजदीक पहुंच चुकी है। बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार सिंह और अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव ने हालात का जायजा लिया। सहबदिया गांव की 350 घरों की आबादी कटान से प्रभावित है, इससे सैकड़ों एकड़ जमीन नदी में विलीन हो चुकी है। अभियंताओं ने ठोकर, लॉन्चिंग, एपरन और नोज बनाकर गांव को बचाने के लिए योजना तैयार करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही महुला गढ़वल बांध पर रैन कट की समस्या भी सामने आई है। बांध पर कई स्थानों पर कटान हो रही है, लेकिन अब तक उसे ठीक नहीं किया गया है। तहसील प्रशासन ने कटान से प्रभावित सहबदिया गांव का निरीक्षण किया था। इसमें 67 किसानों में 3 लाख 36 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया। इनमें से कुछ किसानों को 5,000 रुपये से लेकर 47,000 रुपये तक का मुआवजा मिला है। मंगलवार को बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.52 मीटर और डिघिया नाले पर 70.65 मीटर रिकार्ड किया गया। यह सोमवार के बराबर रहा। नदी में विभिन्न बैराजों से 229424 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। इसमें गिरिजा बैराज से 107287 क्यूसेक, शारदा बैराज से 109035 क्यूसेक और सरयू बैराज से 13102 क्यूसेक पानी नदी में आ रहा है।