देवारा क्षेत्र में जैसे-जैसे घाघरा का जलस्तर घट बढ़ रहा वैसे-वैसे देवारावासियों की धड़कनें भी तेज होती जा रही हैं। ऐसे में कटान तेज हो गई है। जिससे किसान चिंतित हैं। 24 घंटे में नदी का जलस्तर 16 से 21 सेमी पर बढ़ गया। बुधवार को एक बार फिर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगर यही हाल रहा तो बाढ़ की स्थिति हो सकती है। ऊपर से पानी डिस्चार्ज होने से घाघरा नदी में अभी दो-तीन दिन बढ़ाव दर्ज होगा। क्षेत्र के ग्राम पंचायत उर्दिहा, गांगेपुर, सहबदिया में कटान तेज हो गई है। कटान शुरू होने से ग्रामीणों में दहशत है। सहबदिया, उर्दिहा,गांव के किसानों की जमीन कटती जा रही है। बांका ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान हीरालाल यादव ने बताया कि इसी तरह अगर घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा तो हमारे गांव में नाव लगाने की जरूरत हो जाएगी। महुला गढ़वल बांध से गांव का संपर्क मार्ग टूट गया है। सबसे ज्यादा समस्या स्कूली छात्रों को हो रही है। स्कूली छात्रों को काफी दूर घूमकर अपने स्कूल पर जाना पड़ रहा है। घाघरा नदी बदरहुंआ नाले पर 25 जुलाई की शाम चार बजे 70.09 मीटर पर बह रही थी, जो बुधवार को 21 सेंटीमीटर बढ़कर 70.30 पर बह रही है। बदरहुंआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर है। खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया नाला का जलस्तर मंगलवार को शाम चार बजे 69.41 मीटर था जो बुधवार को 16 सेमी बढ़कर 69.57 हो गई। न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर व खतरा बिंदु 70.40 व अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर है। गिरिजा बैराज से 137234,शारदा बैराज से 138707 और सरयू बैराज से 4096 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।