कस्बे और ग्रामीण इलाकों में सातवीं मुहर्रम पर अलम, ताबूत और दुलदुल का जुलूस निकाला गया। इस दौरान लोगों ने अलम और ताबूत की जियारत की और दुलदुल को दूध पिला कर मन्नतें पूरी कीं। अली मौला की सदाओं से इलाके गूंजतेे रहे। जुलूस के दौरान अजादार नौहे के बीच सीनाजनी करते रहे। मेजवां में इमाम चौक से जुलूस निकाला गया। इसमें अंजुमन फरोगे अजा चमावा, अंजुमन अजादारिया फत्तेपुर, स्थानीय अंजुमन अब्बासिया ने नौहा मातम कर खिराजे अकीदत पेश की। फूलपुर कस्बा में कमर मियां के चौक से जुलूस अंजुमन मासूमिया की ओर से निकाला गया। जुलूस पुरानी मछली मार्केट, सिनेमा रोड होते हुए आक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल स्थित कर्बला पहुंच कर समाप्त हुआ। इस दौरान अजादारों ने नौहा मातम किया। सुरक्षा की दृष्टि से भारी फोर्स लगाई गई थी। सरायमीर : क्षेत्र के निकामुद्दीनपुर व बेलहरी इमाम अली में मजलिस व जुलूसों का आयोजन हुआ। अंजुमन तंज़ीमे हुसैनी की ओर से कस्बा स्थित रौज़ा अली आशिकान से अलम, दुलदुल व ताबूत का जुलूस निकाला। इससे पूर्व हुई मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना शाहिद आज़मी ने इमाम हसन के बेटे हज़रत क़ासिम की शहादत बयान की। कहा कि हज़रत क़ासिम की उम्र 13 साल थी। जब कर्बला में शहादत का वक्त आया तो क़ासिम ने अपने चाचा इमाम हुसैन से शहादत की इजाज़त लेनी चाही। इमाम हुसैन ने अपने भाई की इकलौती निशानी होने के कारण इजाज़त नहीं दी। हज़रत कासिम ने बांह पर बंधी पिता की तावीज़ दिखाई जिस पर इमाम हुसैन ने हज़रत कासिम को शहादत की इजाज़त दे दी। यह बयान सुनकर अजादार रोने लगे। जुलूस में अंजुमन कारवाने हैदरी, अंजुमन गुल्शने इस्लाम, अंजुमन गुंचये अब्बासिया ने नौहे से माहौल को गमज़दा कर दिया। जुलूस का संचालन मोहम्मद हुसैन ने किया। क़ायम रज़ा ने आभार जताया। सठियाव : क्षेत्र के शाहगढ़ में अलम का जुलूस निकाला गया। जामा मस्जिद से जुलूस आरम्भ हुआ जो अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ सरदारपुर राजपूत गांव पहुंचा। जहां युवाओं ने अखाड़े में लाठी कला का प्रदर्शन किया। जगह-जगह लोगों के लिए छबील लगाई गई थी। इस दौरान सलमान आलम, आशिफ आज़मी, अतहर अली, आलमगीर शाह आदि मौजूद रहे। सगड़ी : जीयनपुर में अलम का जुलूस इमामबाड़ा से शुरू होकर चौक पर पहुंचा। जहां पर अंजुमन कमेटी ने नौहा मातम किया गया। समुद्रपुर में अंजुमनों ने नौहा पढा और मातम किया। इस मौके पर नेहाल मेहंदी, जर्रार हुसैन,जीशान मेंहदी, सबी रजा मौजूद थे।