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दो दिन घटने के बाद फिर बढ़ा घाघरा का जलस्तर

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देवारा क्षेत्र में बाढ़ के पानी से होकर जाते ग्रामीण। - फोटो : AZAMGARH
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर दो दिन घटने के बाद एक बार फिर से बढ़ने लगा है। विगत 24 घंटों में नदी के जलस्तर में छह सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने के साथ ही देवारा क्षेत्र के आठ गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
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जनपद की उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी देवारावासियों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। नदी प्रतिवर्ष तटवर्ती गांवों को उजाड़ती है। जिससे बचने के लिए लोग अपनी बसी बसाई गृहस्थी को छोड़कर दूसरी जगह जाने के लिए विवश होते हैं। नदी का तांडव समाप्त होने के बाद दोबारा आकर लोग अपनी गृहस्थी बसाने में जुट जाते हैं। जब उनकी गृहस्थी अपने रौ में आती है तब एक बार फिर घाघरा तांडव मचाने के लिए आ जाती है। विगत कई दिनों तक बढ़ने के बाद दो दिन तक इसके जलस्तर में घटाव दर्ज किया जा रहा था। लेकिन सोमवार को एक बार फिर नदी में बढ़ाव दर्ज किया गया। नदी में बनाए गए दोनो गेजों पर 24 घंटे में छह-छह सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। बाढ़ खंड द्वारा दो लाख 64 हजार क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज होने की बात कही जा रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख ग्रामीणों की धुकधुकी बढ़ गई है। नदी दोनों ही गेजों पर लाल निशान से ऊपर बह रही है। रविवार को बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.80 मीटर दर्ज किया गया था। जो सोमवार को छह सेमी बढ़कर 81.86 मीटर हो गया। जो खतरा बिंदू 71.68 म ीटर से 12 सेमी अधिक है। वहीं डिघिया नाले पर रविवार को नदी का जलस्तर 70.94 मीटर दर्ज किया गया था। जो सोमवार को छह सेमी बढ़कर 71 मीटर पर पहुंच गया। जो खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 60 सेमी अधिक है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही क्षेत्र के आठ गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।

देवारा क्षेत्र में बाढ़ के पानी से होकर ट्रैक्टर लेकर जाता किसान।- फोटो : AZAMGARH

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