लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवारांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। जलस्तर बढ़ने से नदी डिघिया गेज पर लाल निशान से 41 सेमी ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से कटान में तेजी आई है।
घाघरा नदी में सोमवार को बदरहुंआ पर 33 सेमी तो डिघिया गेज पर 34 सेमी का बढ़ाव दर्ज किया गया। घाघरा नदी का जलस्तर दो दिन घटने के बाद दो दिन से बढ़ावपर है। बदरहुंआ गेज पर घाघरा नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। रविवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.09 मीटर दर्ज किया गया जो सोमवार को 33 सेमी बढ़कर 71.42 सेमी हो गया।
इसी प्रकार डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है। डिघिया नाले पर रविवार को जलस्तर 70.47 मीटर था जो सोमवार को 34 सेमी बढ़कर 70.81 मीटर हो गया। घाघरा नदी का जलस्तर घटने- बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में कटान तेज हो गई है।
परसिया गांव के दक्षिण महुला गढ़वल बांध से उत्तर घाघरा नदी कटान तेज कर दी है। घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर डिघिया नाले पर लाल निशान पार हो गया है। घाघरा नदी के लाल लाल निशान पार होने के बाद भी सभी बाढ़ चौकियां निष्क्रिय बनी हुई हैं। परसिया, गांगेपुर, मठिया और सहबदिया में किसानों की जमीन घाघरा नदी में तेजी से विलीन हो रही है।
रामसिंगार यादव पूर्व प्रधान ने बताया कि घाघरा का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाके में पानी भर जाने से ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ गई हैं। बांका बूढ़नपट्टी गांव के प्रधान हीरालाल यादव ने बताया कि हम लोगों का संपर्क मार्ग काफी दिनों से कटा हुआ है। प्राइवेट नाव के सहारे लोग आ रहे हैं। करीब 5 से 7 किमी दूर से घूमकर छात्रों व महिलाओं का आना जाना होता है। समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।