देवरांचल में बहने वाली घाघरा नदी एक बार फिर लाल निशान को पार कर दिया है। बाढ़ का पानी उफान पर है। इससे देवारावासियों की धड़कने तेज हो गई है। नदी किनारे आशियाना बनाकर रहने वाले कटान होने से दहशत में हैं। बदरहुआ नाले पर 16 सेमी और डिघिया पर छह सेमी लाल निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ के चलते 12 गांवों के संपर्क मार्ग टूटने से आवागमन बाधित हो गया है।
लगातार पांच दिन घटने के बाद घाघरा एक फिर तीन दिनों से बढ़ने लगी है। इससे देवारा वासियों एक बार फिर सहम गए हैं। प्रतिदिन 297310 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जिससे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नदी किनारे के गांव उरदीहा, सहबदिया और देवारा खास राजा के झगरहवा का पूरा में कटान तेज कर दी है। जल स्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांव का संपर्क मार्ग टूट गया है। आवागमन भी बाधित हो रहा है। देवारा खास राजा के झगरहवा में अब तक 4 लोगों का मकान घाघरा नदी में विलीन हो चुका है। 13 लोगों का मकान नदी के मुहाने पर है। लोग अपने हाथों से घरों को उजाड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर हैं। कुछ स्थानों पर बाढ़ का पानी बढने से रास्तों पर कीचड़ भरा पानी फैला हुआ है। इसलिए लोगों को आवागमन की परेशानी हो रही है। रास्ते भी जगह-जगह टूट गए हैं। ग्राम प्रधान हीरालाल यादव ने बताया कि आवागमन की समस्या बढ़ गई है। सुविधा के लिए दो नाव लगाई गई है। इससे स्कूल के बच्चे व अन्य लोग आ जा रहे हैं। तहसील प्रशासन की माने तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 12 नाव चलाई जा रही है। हाजीपुर, सोनौरा, अजगरा मगरवी, भदौरा मकरंद, चक्की, साहडीह,बांका में जरूरत पड़ने पर और नावे बढ़ाई जाएगी।
डेढ़ दर्जन गांवों के मार्गो पर पानी चढ़ गया है। ग्रामीणों को सबसे अधिक समस्या नाव संचालन की है। लोगों का नाव से आना-जाना होता है। लेकिन तहसील प्रशासन की तरफ से पर्याप्त नाव की व्यवस्था न होने से लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही है। देवरा खास राजा, चक्की, साहडीह, सोनौरा ,बांका, बुढ़नपट्टी सहित एक दर्जन गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हो गए हैं। चक्की गांव चारों तरफ पानी से घिरा हुआ है। अभी तक गांव में छिड़काव तक नहीं किया गया। बाढ से घिरे होने के बाद भी गांव में अभी तक सोलर लाइट व पानी की व्यवस्था नहीं कराई गई है।
शनिवार की शाम बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.71 मीटर था, जो रविवार को 13 सेमी बढ़कर 71.84 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। वहीं, डिघिया नाले पर शनिवार की शाम नदी का जलस्तर 71.00 मीटर था, जो रविवार को छह सेमी बढ़कर 71.06 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है।