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प्राथमिक विद्यालय सेमरी के अस्तित्व पर मंड़राया खतरा

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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी दोनों गेजों पर खतरा बिंदु से ऊपर है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान भी जारी है। इससे सगड़ी तहसील के प्राथमिक विद्यालय सेमरी के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
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बुधवार की शाम बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.83 मीटर दर्ज किया गया जो बृहस्पतिवार शाम 14 सेमी बढ़कर 71.97 मीटर पर पहुंच गया। यहां नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। नदी खतरा बिंदु से 29 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं डिघिया नाले पर बुधवार को नदी का जलस्तर 71.02 मीटर दर्ज किया गया था जो बृहस्पतिवार को 16 सेमी बढ़कर 71.18 मीटर पर पहुंच गया। यहां नदी का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। खतरा बिंदु से नदी 78 सेमी ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। महुला गढ़वल बांध और घाघरा नदी के बीच इस समय लगभग 35 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। चक्की, देवारा खास राजा, बांका, बूढ़नपट्टी, साहडीह, सोनौरा, अराजी अजगरा मगर्वी, अजगरा मगर्वी, मानिकपुर, अभ्भन पट्टी, देवारा इस्माइलपुर, अचल नगर, गरीब दुबे, निबियहवा, रोशनगंज, औघड़गंज, चिकनिहवा, सहदेवगंज आदि पानी से घिर गए हैं। इन गांवों में जाने वाले संपर्क मार्ग टूट गए हैं। प्रशासन अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं कर पाया है।
नाव, दवा व राशन की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
लाटघाट। नाव, दवा और राशन आदि की व्यवस्था न होने से देवारा खास राजा, मगर्वी आदि गांवों के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को देवारा खास राजा गांव के संपर्क मार्ग पर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान पति पलटन यादव ने एसडीएम सगड़ी से बात की। उन्होंने गांव में दवा, नाव आदि की व्यवस्था किए जाने की मांग की। एसडीएम ने नाव जैसे लगने की स्थिति होने पर नाव लगाने और गांव में दवा की व्यवस्था कराने आश्वासन दिया। तब जाकर लोग शांत हुई। वहीं रामानंद, राम मिलन, राधेश्याम, राकेश, लीलाधर भारती आदि ने कहा कि संपर्क मार्ग पर पानी भरा है। जगह-जगह संपर्क मार्ग टूटे हैं। नाव कि व्यवस्था नहीं है। गांव में दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है। ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन की गोली नहीं बंटी है। महिलाओं को सबसे बड़ी समस्या पैदा हो रही है। प्रशासन उदासीन बना है।
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