बुधवार की शाम से रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी और सर्द हवा के झोकों ने गुलाबी ठंड के रूप में दस्तक दे दी है। बूंदाबांदी का गुरुवार को भी जारी रही।
खराब मौसम के चलते लोग घरों से कम ही बाहर निकले। जबकि बाजारों में भी सन्नाटा छाया रहा। एकाएक ठंड बढ़ने से गुरुवार को लोग स्वेटर, जैकेट, शॉल, चद्दर ओढ़ या पहनकर घरों से बाहर निकले।
सरकारी दफ्तरों और प्राइवेट कार्यालयों में भी आने वालों की संख्या न के बराबर थी। बारिश के चलते सड़कें सूनी रहीं। चाय, पकौड़ी, पान की दूकानों पर लोगों की भीड़ जमा थी।
वहीं शापिंग माल में गरम कपड़ा खरीददनों वालों की संख्या रोज की तुलना में आज अधिक देखी गई। बता दें कि अक्तूबर 2013 के मध्य में बारिश होने के बाद जहां ठंड बढ़ी थी।
वहीं 13 अक्तूबर 2014 की रात से आए हुदहुद तूफान के बाद ठंड ने पांव पसारे। इस वर्ष अक्तूबर के अंत में बारिश होने के साथ ही ठंड का आगाज हो गया है।
बूंदाबांदी से सड़कों और गलियों में फिसलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे मार्गों पर ज्यादातर वाहन चालक फिसलकर चोटिल हुए।