04 सगड़ी तहसील के पुरैनिया में कटान की फाइल फोटो। श्रोत-लाइब्रेरी
आजमगढ़। घाघरा नदी की बाढ़ से हर साल देवारा के दर्जनों गांव प्रभावित होते हैं। बाढ़ खंड अति संवेदनशील आराजी गंगापुर, आराजी पुरैनियां, देवारा खास राजा झगरहवा में 15 करोड़ से कटानरोधी कार्य कराने की योजना है। इसके तहत कटान वाली जगहों पर जियो बैग और बोल्डर डाले जाएंगे। सगड़ी तहसील के 115 से अधिक गांव हर साल घाघरा नदी की बाढ़ की मार झेलते हैं। हर वर्ष सैकड़ों बीघा उपजाऊ भूमि नदी में समा जाती है। कटान आबादी तक भी पहुंच जाती है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले साल आराजी गंगापुर, आराजी कुरैनियां, देवारा खास राजा झगरहवा में कटान आबादी के करीब पहुंच गई थी। इसे देखते हुए इस बार पहले से तैयारी शुरू कर दी है। इन गांवों में कटान प्रभावित स्थानों पर जियो बैग और बड़े बोल्डर डाले जाएंगे, जिससे नदी की धारा को नियंत्रित किया जा सके और कटान को रोका जा सके। शासन को प्रस्ताव की मंजूरी मिल गई है। अब प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा ताकि मानसून और बाढ़ से पहले ही कटानरोधी व्यवस्था मजबूत की जा सके।
अति संवेदनशील गांवों में 15 करोड़ से जियो बैग और बड़े बोल्डर डालने का कार्य कराया जाएगा। वित्तीय, प्रशासनिक स्वीकृति और अनुबंध गठन के बाद कार्य शुरू कराए जाएंगे। -वीरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड।