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राजकीय सम्मान संग अंतिम विदाई

Thu, 08 Dec 2016 11:46 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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राजकीय सम्मान संग अंतिम विदाई
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मुंबई में डाक यार्ड से समुद्र में उतारे जा रहे युद्धपोत के पलट जाने से जान गंवाने वाले नौसेना के मैकेनिकल इंजीनियर नीरज राय का पार्थिव शरीर गुरुवार की सुबह खलीलाबाद गांव आने पर कोहराम मच गया। गोरखा रेजीमेंट के 20 जवान पार्थिव शरीर लेकर सुबह नौ बजे पहुंचे। शव आते ही पत्नी, मां और भाई फफककर रो पड़े। वहां मौजूद रिश्तेदार और गांववाले सभी को ढांढस बंधा रहे थे। बाद में राजकीय सम्मान के साथ नीरज की अंत्येष्टि दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम घाट पर किया गया।
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खलीलाबाद गांव निवासी नीरज राय पुत्र हंसराज तीन भाइयों में बड़े थे। वर्ष 2002 में वह भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे। नीरज मैकेनिकल इंजीनियर के पद पर मुंबई के नेवी नगर कुलावा में तैनात थे। उनकी ड्यूटी युद्धपोत आईएसएन बेतवा पर थी। पांच दिसंबर को युद्धपोत को डाकयार्ड से समुद्र में उतारा जा रहा था। इस दौरान वह पलट गया और दबकर नीरज सहित दो नौसैनिकों की मौत हो गई। हादसे में 14 गंभीर रूप से घायल हो गए। गुरुवार की सुबह नीरज का पार्थिव शरीर लेकर गोरखा रेजीमेंट के 20 जवान उनके पैतृक आवास पर पहुंचे।

पत्नी शशिकला, उनकी मां और भाई पार्थिव शरीर से लिपटकर रोने लगे। दरवाजे पर गांव सहित आसपास के तमाम गांव के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। रानी की सराय बाजार से ही गांव के लोग नीरज सिंह अमर रहे का नारा लगाते हुए घर पहुंचे। अंतिम संस्कार के समय गोरखा रेजीमेंट के जवानों ने उन्हें सलामी दी। इसके बाद मऊ जिले के दोहरीघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। नीरज को उनके पिता हंसराज सिंह ने मुखाग्नि दी।
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