आजमगढ़। मदरसों और प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़े का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि राजस्व विभाग के सिजनल अनुसेवकों के स्थायीकरण में नया खेल सामने आया है। पिछले माह सात संग्रह अनुसेवकों की उम्र को कम दिखाकर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही स्थायी कर दिया गया। वहीं, इस संबंध में एडीएम का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
भाजपा सरकार में भी विभागीय बाबुओं की मिलीभगत से सरकारी नौकरियों में जमकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। अभी मदरसों और प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़े की जांच चल ही रही थी कि अब राजस्व विभाग में सीजनल संग्रह अनुसेवकों के स्थायीकरण में फर्जीवाड़े का मामले सामने आने लगा है। राजस्व विभाग में सीजनल संग्रह अनुसेवकों को उनके कार्य के आधार पर स्थायी किया जाता है। वर्ष 2016 की सूची के अनुसार जिले में कुल 318 सीजनल संग्रह अनुसेवक हैं। इसमें जिला संग्रह अनुसेवकों के खाली 71 पदों के सापेक्ष सीजनल अनुसेवकों को स्थायी करने की प्रक्रिया शुरु की गई। जुलाई माह में स्थायी करने के लिए कुल 63 सीजनल संग्रह अनुसेवकों का चयन किया गया।
विभाग कर्मचारियों की मानें तो इसमें 21 संग्रह अनुसेवकों को जिला स्तर पर ही स्थायी कर दिया गया। 42 की उम्र ज्यादा होने के कारण उन्हें मंजूरी के लिए राजस्व परिषद को भेजा गया है। वहां से संस्तुति मिलने के बाद इनके स्थायी करण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 21 संग्रह अनुसेवकों को स्थायी करने में नियमों की जमकर अनदेखी की गई है। इसमें सात संग्रह अनुसेवक ऐसे हैं कि जिनकी उम्र जिला प्रशासन की ओर से जारी 2010 की सूची में कुछ और है और 2016 की सूची में कुछ और। साफ है कि विभागीय बाबुओं की मिलीभगत से जन्म प्रमाण पत्र में खेल किया गया है। ये संग्रह अनुसेवक निजामाबाद, सगड़ी, लालगंज, मेहंनगर में तैनात हैं।
बाबुओं की मिलीभगत से होता है खेल
आजमगढ़। विभागीय सूत्रों ने बताया कि राजस्व विभाग में तैनात बाबुओं की मिलीभगत से नियुक्ति में खेल किया जाता है। जिनसे दक्षिणा मिल जाती है उन्हें स्थानीय स्तर पर ही खेल कर स्थाई कर दिया जाता है। अन्य को उम्र ज्यादा होने पर संस्तुति के लिए लखनऊ भेज दिया जाता है।
45 साल से कम उम्र के संग्रह अनुसेवकों को जिलाधिकारी की संस्तुति पर स्थायी किया जा सकता है। पिछले माह कुछ को स्थायी किया भी गया है। अन्य को उम्र ज्यादा होने के कारण संस्तुति के लिए राजस्व परिषद भेजा गया है। स्थायी किए गए अनुसेवकों की उम्र में कोई अंतर है तो इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
वीके गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व