फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: जमीन के कारोबार और रुपयों के विवाद में दोस्तों ने ही रची हत्या की साजिश

विज्ञापन
मुबारकपुर पुलिस ने गिरफ्तार किए दो हत्यारोपी। श्रोत-पुलिस - फोटो : Archive
विज्ञापन
मुबारकपुर थाना क्षेत्र के चर्चित सुशील हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि जमीन की खरीद-फरोख्त और पैसों के लेनदेन को लेकर रचे गए षड्यंत्र के तहत सुशील कुमार की उसके ही साथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तमंचा और दो कारतूस भी बरामद किए हैं।
विज्ञापन

पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि 21 मई को जहानागंज थाना क्षेत्र के कोढ़वा गांव निवासी सुनील कुमार ने तहरीर देकर बताया था कि उसका भाई सुशील कुमार 20 मई की रात अपने साथी उमाशंकर उर्फ पिंटू यादव के साथ चार पहिया वाहन से एक निमंत्रण समारोह में गया था। देर रात सूचना मिली कि रानीपुर गांव स्थित हनुमान मंदिर के पास उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस मामले में मुबारकपुर थाने में हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामले की विवेचना के दौरान क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल के पुनर्निर्माण (सीन रिक्रिएशन) का विश्लेषण किया। जांच में उमाशंकर उर्फ पिंटू यादव और वीरेंद्र उर्फ बिंदु यादव की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने मंगलवार तड़के सठियांव रेलवे स्टेशन के पास से उमाशंकर उर्फ पिंटू यादव को गिरफ्तार किया। वहीं दूसरे आरोपी वीरेंद्र उर्फ बिंदु यादव को कोढ़वा-अचलपार मार्ग स्थित एक मंदिर के पास से पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर झाड़ियों में छिपाया गया तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पूर्व नियोजित योजना के तहत सुशील को सुनसान स्थान पर ले जाया गया। वहां जमीन के कारोबार और पैसों के विवाद को लेकर उमाशंकर ने उसके सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को भटकाने और जांच को गुमराह करने के लिए वाहन पर भी फायरिंग की गई।
विज्ञापन

लखनऊ से बुलाई गई बैलेस्टिक टीम
एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सुशील कुमार को बेहद करीब से सिर में गोली मारी गई थी। घटना की वैज्ञानिक जांच के लिए फोरेंसिक टीम के साथ लखनऊ से बैलेस्टिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया था। सीन रिक्रिएशन और तकनीकी परीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि गोली वाहन के अंदर से चलाई गई थी। वाहन के शीशे पर मिले निशान भी अंदर से फायरिंग किए जाने की पुष्टि करते हैं।
आरोपी ने बताई हत्या की पूरी साजिश
गिरफ्तार आरोपी वीरेंद्र उर्फ बिंदु यादव ने पूछताछ में बताया कि 20 मई को उमाशंकर उर्फ पिंटू यादव के बुलावे पर वह रानीपुर पहुंचा था। वहां उमाशंकर अपनी कार के साथ मौजूद था, जिसमें सुशील कुमार पहले से बैठा हुआ था और नशे की हालत में था। तीनों रानीपुर हरिजन बस्ती के आगे एक सुनसान मार्ग पर पहुंचे। वहीं जमीन की खरीद-फरोख्त और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद के बीच उमाशंकर ने चालक सीट के बगल में बैठे सुशील के सिर में गोली मार दी। हत्या के बाद उसने जांच को भ्रमित करने के उद्देश्य से कार के शीशे और वाहन पर फायरिंग की। इसके बाद तमंचा और कारतूस वीरेंद्र को देकर छिपाने के लिए भेज दिया। वीरेंद्र ने हथियार को घटनास्थल के पास बिजली के खंभे के निकट झाड़ियों में छिपा दिया था, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार मामले में वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर ठोस प्रमाण जुटाए गए हैं तथा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें