आजमगढ़। करौजा गांव में वर्ष 2013 में हुए हत्या कांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आजमगढ़ जयप्रकाश पांडेय ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 72-72 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला थाना पवई क्षेत्र के करौजा गांव का है। करौजा गांव निवासी माला यादव की तहरीर पर दर्ज हुआ था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि 22 सितंबर 2013 को राम भुवाल यादव, बिन्दू यादव, संदीप यादव और पूर्णमासी यादव ने एकराय होकर फावड़ा, हंसिया, कुदाल और लाठी से हमला कर उनके दादा राम सुमेर यादव को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस घटना पर थाना पवई में मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचना के बाद आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे में कुल आठ गवाहों का परीक्षण किया गया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर शनिवार को न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषसिद्ध मानते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास और 72-72 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
दो आरोपियों को आजीवन कारावास, हत्या मामले में सजा
आजमगढ़। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट एक अजय कुमार शाही ने 2016 के हत्या के एक प्रकरण में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला थाना महराजगंज क्षेत्र के प्रतापपुर गांव का है। गांव के रविंद्र सिंह की तहरीर पर दर्ज हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 22 जनवरी 2016 को उनका पुत्र विश्वजीत उर्फ संतोष सिंह टेम्पो से जा रहा था, तभी तहबरपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर कोजो मोहनपुरवा गांव निवासी आरोपी बलवंत उर्फ बाले यादव और महाराजगंज थाना क्षेत्र के मलहपुरवा गांव निवासी सोनू यादव उर्फ राकेश यादव ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
इस घटना पर थाना महराजगंज में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। विवेचना उपरांत आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। मुकदमे में कुल 12 गवाहों का परीक्षण किया गया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने शनिवार को दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध मानते हुए आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।