आजमगढ़ के तहबरपुर थाने के बनहरा गांव स्थित शिवमंदिर के पास रविवार को लूट की योजना बनाते चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दो बदमाश फायर करते हुए फरार हो गए। बदमाशों की गोली से कप्तानगंज थाने में तैनात दरोगा बाल-बाल बचे। गिरफ्तार बदमाशों के पास से चोरी की दो बाइक, चार मोबाइल, एक पिस्टल, दो तमंचा और कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि उन्हें आजमगढ़ और जौनपुर जेल में निरुद्ध सरगना ने वारदात को अंजाम देने को कहा था। इसकी वे सभी रणनीति तैयार कर रहे थे।
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में बरदह थाने के गोठाव गांव निवासी अवनीश प्रजापति, इसी थाने के सिसरेड़ी गांव निवासी राहुल यादव, जीयनपुर कोतवाली के भरौली गांव निवासी दुर्गा यादव और जौनपुर जिले के जफराबाद थाने के किरतापुर गांव निवासी आनंद विश्वकर्मा शामिल हैं। प्रभारी निरीक्षक तहबरपुर देवानंद, कप्तानगंज थाने के दरोगा रत्नेश दुबे, क्राइम ब्रांच के स्वाट टीम के कांस्टेबल अभिमीत तिवारी, अवधेश सिंह, यशवंत रविवार को तहबरपुर थाने के कंतुगंज चौराहे पर थे। सूचना पर सभी बनहरा गांव में स्थित शिवमंदिर के पास पहुंचे तो वहां मौजूद बदमाश फायर करते हुए भागने लगे। गोली दरोगा रत्नेश दुबे के बगल से निकल गई, वह बाल-बाल बच गया। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। अन्य दो फरार हो गए। पुलिस ने बदमाशों को जेल भेज दिया है।
जेल में निरुद्ध बदमाश ने दिया था टारगेट
आजमगढ़। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आजमगढ़ जेल में निरुद्ध मनीष पाठक और जौनपुर जेल में निरुद्ध राजन यादव ने इन बदमाशों को जौनपुर जिले के केराकत कोतवाली के बेहड़ा गांव निवासी ग्राम प्रधान संजय सिंह, बरदह थाने के भीरा गांव निवासी मुन्ना सिंह, रिक्की अग्रहरि की हत्या और देवगांव कोतवाली के पल्हना बाजार, जौनपुर जिले के शाहगंज थाने के सरायमोहद्दीनपुर और तरवां थाने के खरिहानी बाजार में स्थित जनसेवा केंद्र से लूट या डकैती करने को कहा था। गिरफ्तारी के वक्त बदमाश उक्त घटनाओं को अंजाम देने की रणनीति तैयार कर रहे थे।