आजमगढ़। नगर पालिका की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों पर लगाए गए फव्वारे लंबे समय से बंद पड़े हैं। उद्घाटन के कुछ महीनों बाद ही एक-एक कर सभी फव्वारे बंद हो गए। इन्हें खराब होने के बाद नगर पालिका ने कभी इसकी सुधि नहीं ली। नगर क्षेत्र के मुख्य चौराहों और तिराहों के सुंदरीकरण के नाम पर नगरपालिका ने लाखों रुपये खर्च कर फव्वारे लगवाया। लगने के बाद इन चौराहों पर लाइटिंग और डिजाइन में गिरते रंग बिरंगे पानी के बीच लोग सेल्फी खींचकर अपने फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट करते थे। रात में इन चौराहों और तिराहों पर लोगों की भीड़ जमा होती थी।
जानकारी के अनुसार कहीं साढ़े तीन लोग कहीं साढ़े लाख तो कहीं छह लाख रुपये से इन फव्वारों को लगाया गया था। लगने के बाद यह फव्वारे कुछ दिन तक तो ठीक तरह से संचालित होते रहे लेकिन एक बार बंद होने के बाद नगरपालिका ने इस फव्वारों की सुधि नहीं ली।
यहां लगाए गए थे फव्वारे
शहर में तिरंगा तिराहा, गिरजाघर तिराहा, अग्रसेन तिराहा, रैदोपुर तिराहा, हर्रा की चुंगी तिराहा पर लगे फव्वारे बंद हो गए हैं। अधिकारी इन फव्वारों की मरम्मत का आश्वासन तो देते हैं लेकिन कभी मरम्मत नहीं कराते हैं।
गिरजाघर पर लगा फव्वारा बंद
नगर के दीवानी क्षेत्र स्थित गिरजा घर तिराहे पर लगा फव्वारा कभी अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता था। वर्तमान में इस फव्वारे के चारो तरफ रेलिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है। फव्वारे के टैंक में पानी तक नहीं है। जबसे यह बिगड़ा फिर इसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
नगरपालिका तिराहे पर लगा फव्वारा भी बंद
नगर पालिका तिराहे पर लाखों रुपये की लागत से लगाया गया फव्वारा लगने के बाद मुश्किल से एक हफ्ते चलने के बाद बंद हो गया। बीच में लगभग छह माह पूर्व इसकी मरम्मत कर इसे चालू किया गया था। तीन से चार दिन चलकर बंद हुआ फिर दोबारा नहीं चल सका।
नगर के चौराहे और तिराहे पर जो फव्वारे लगे हैं उनकी मरम्मत के लिए कारीगर को बुलाया गया है। उसके आते ही सारे फव्वारों की मरम्मत कराकर उन्हें चालू कराया जाएगा। - विवेक त्रिपाठी, ईओ नगरपालिका।