प्रथम समाजवादी विचारक युवा तुर्क नेता देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का समूचा जीवन संघर्षों से भरा रहा।जो आज के परिवेश में अत्यंत प्रासंगिक और हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत है। उक्त बातें विधान परिषद सदस्य विक्रांत सिंह रिशू ने कही। वे शनिवार को ट्रस्ट परिसर में आयोजित देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 16 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार में जन्म लेने के बाद प्रधानमंत्री जैसी महत्वपूर्ण कुर्सी तक पहुंचना उनके कुशल व्यक्तित्व का परिचायक है। चंद्रशेखर का व्यक्तित्व था कि सत्ता को ठुकराकर उन्होंने संघर्षों का रास्ता चुना। इसी का परिणाम है कि लोकतंत्र जब तानाशाही की ओर चलती है तो चंद शेखर जी के संघर्षों की याद आती है।
उदयशंकर चौरसिया ने सभी का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में एमएलसी रिशू ने ट्रस्ट परिसर में स्थापित पूर्व पीएम चंद्रशेखर की मूर्ति पर माला पहनाकर तथा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद प्रमुख रमेश कन्नोजिया, अरविंद सिंह, अरुण सिंह, सुनील सिंह बल्लू ,बृजेश कांदू, लालबहादुर सिंह लालू , अनिल सिंह, रामानंद प्रजापति ,अशोक पांडेय, धमेंद्र सिंह उर्फ झब्लु सिंह आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्षा प्रियंबदा सिंह तथा संचालन शिक्षक नेता कमलेश राय ने किया।