आजमगढ़। लगभग 28 साल पूर्व हुए एक राजनैतिक आंदोलन के दौरान अधिवक्ता संग मारपीट के मामले में पूर्व मंत्री व विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने बृहस्पतिवार को एमपी/एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में बयान दर्ज कराया। शहर के पंचदेव चौराहे पर विवाद हुआ था और अधिवक्ता की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया था।
13 सितंबर 1994 को सपा-बसपा गठबंधन द्वारा शहर में एक जुलूस निकाला गया था। इसी दौरान अधिवक्ता अनिल गौड़ कचहरी जा रहे थे। किसी बात को लेकर पंचदेव चौराहे पर पूर्व मंत्री व विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, तत्कालीन विधायक रामदर्शन यादव व राजबली यादव, जनार्दन विद्यार्थी आदि का अधिवक्ता अनिल गौंड से कहासुनी हो गई। बात बढ़ गई और गाली-गलौज के साथ अधिवक्ता की पिटाई भी कर दी गई। इस मामले में अधिवक्ता ने शहर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया था। इस मामले में पुलिस ने एफआर लगा दिया। जिसका विरोध अधिवक्ता ने न्यायालय में किया। सुनवाई पूरी होने पर न्यायालय ने आरोपियों को कोर्ट में तलब किया। जिसमें सभी आरोपियों ने अपनी जमानत करा ली थी। सपा विधायक दुर्गा प्रसाद यादव 28 जुलाई को एमपी/एमएलए कोर्ट अशोक कुमार सिंह की अदालत में हाजिर होकर प्रार्थना पत्र दिया कि मामले में आरोपित पूर्व विधायक राजबली यादव की मृत्यु हो चुकी है वहीं अन्य आरोपित हाजिर नहीं हो रहे है। ऐसे में उनका बयान दर्ज कर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाए। जिस पर न्यायालय ने चार अगस्त की तिथि नियत किया था। बृहस्पतिवार को पूर्व मंत्री व विधायक दुर्गा प्रसाद यादव न्यायालय के समक्ष हाजिर हुए और अपना बयान दर्ज कराया। इसके साथ ही न्यायालय ने सुनवाई की अगली तिथि 10 अगस्त निर्धारित किया है।