शीतलहर ने ढाया सितम, लोगों की छूटी कंपकंपी
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पहाड़ी इलाकों और दिल्ली एनसीआर में हुई बारिश का असर जनपद में भी देखने को मिल रहा है। कोहरे के साथ बढ़ी गलन ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। अन्य दिनों की अपेक्षा शनिवार को अधिक ठंड महसूस होने से लोग परेशान रहे। दोपहर तक घना कोहरा छाया रहा। दोपहर बाद हल्की धूप निकली लेकिन सर्द हवाओं के साथ गलन अधिक होने के कारण लोगों को कोई खास राहत नहीं मिली। शनिवार को अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा।
विगत कई दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी और दिल्ली में हुई बारिश असर जनपद में भी हुआ है। कोहरे और सर्द हवाओं के कारण गलन काफी बढ़ गई है। जिसके कारण सुबह के समय लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया। छुट्टी के कारण स्कूली बच्चों को राहत तो मिली है लेकिन घरों में कैद होने से उनकी धमाचौकड़ी कम हुई है। बच्चे घरों में बोर हो रहे हैं। कोहरे का आलम यह है कि सुबह घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है।
शनिवार को घने कोहरे के बाद दोपहर बाद सूर्य की किरणें धरती पर पहुंची। सूर्य के निकलते ही घरों में कैद लोग कुर्सी लेकर बाहर आ गए। पूरे दिन सूर्य बादलों से अठखेलियां करता रहा। जब सूर्य बादलों की ओट में छिपता तो गलन बढ़ जाती। सूर्य के निकलने से गलन कम हो गई लेकिन शाम होते ही गलन फिर बढ़ने लगी। रात होते ही कोहरे ने फिर अपनी चादर फैलानी शुरू कर दी। जिसके कारण घरों से बाहर निकले लोग घर पहुंचने की जल्दी में थे। क्योंकि सूर्य निकलने के कारण गलन कम होने से बहुत से लोग हाफ स्वेटर और जैकेट में ही घर से निकले थे। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड के कारण लोगों ने जल्द ही रजाई पहुंचने में ही भलाई समझी। ज्यादातर क्षेत्रों में अलाव न जलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिसके कारण लोगों को स्वयं की व्यवस्था से अलाव जलाना पड़ रहा है।