लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर और बढने से ग्रामीणों की समस्या और बढ़ गई है। वर्तमान समय में बदरहुवा गेज पर घाघरा 113 सेमी और डिघिया पर 148 सेमी खतरा बिंदु से ऊपर बह रही है। शारदा बैराज से 84285 और गिरिजा बैराज से117776 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। सहबदिया और शाहडीह रिंग बंधे पर खथरा मंडराने लगा है। ग्रामीण खुद मरम्मत में जुटे हैं। यदि बंधे टूटे 450 परिवार खतरे की जद में आ जाएंगे। ग्रामीण खुद ही इसकी मरम्मत में जुटे हैं। वहीं, महुला-गढञवल बांध भी कई स्थानों पर कटान से कमजोर होने लगा है, लेकिन इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। हैदराबाद और रोशनगंज में लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं। प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था न किए जाने से लोगों में गुस्सा है।
घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीणों चिंता में इजाफा होता जा रहा है। डिघिया गेज पर लाल निशान 70.40 और बदरहुवा में 71.68 सेमी पर है। शुक्रवार शाम चार बजे बदरहुवा गेज पर घागरा का जलस्तर 72.81 और डिघिया पर 71.88 सेमी था। बदरहुवा में घाग्रा लाल निशान से 113 सेमी और डिघिया में 148 सेमी ऊपर बह रही है। दोनों गेज पर एक दिन में घाघरा 15 सेमी बढ़ी है। घाघरा के कटान से रिंग बंधा सहबदिया और शाहडीह पर खतरा बढ़ने लगा है। बंधा कई स्थानों पर कमजोर हो चुका है और टूटने की कगार पर हैं। प्रशासन को तो इसकी चिंता नहीं है, लेकिन इसकी जद में आए 450 परिवारों ने खुद ही बांध की मरम्मत शुरू कर दी है। ट्रैक्टर ट्रालियों से मिट्टी और झाड़ियां डालकर बंधे को बचाने की कोशिश की जा रही है। उधर, महुला-गढ़वल मुख्य बांध पर टेकनपुर में भी कटान शुरू हो गया है। कटान से बंधा काफी पतला हो गया है। तीन साल पहले भी बंधा यहीं से टूटा था। ग्रामीण इस बार भी बंधे के टूटने को लेकर भयभीत हैं। ईस्माइल पुर में 19.80 किलोमीटर निशान पर बंधे पर घाघरा के पानी का खतरा बढ़ गया है। रेगुलेटर से रीसाव हो रहा है। हैदराबाद बाजार के रोशनगंज नई बस्ती में भी बंधे से रिसाव हो रहा है। प्रशासन को इसकी सुधि नहीं है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रहा है।