फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नदी-सरोवरों किनारे उमड़ा आस्था का सैलाब, प्रभु के चरणों में सिर रखकर मांगा आशीर्वाद

विज्ञापन
रानी की सराय के आवंक स्थित अवंतिकापुरी में मेले के दौरान रावण के पुतला दहन को देखने उमड़ी लोगों क? - फोटो : AZAMGARH
विज्ञापन
नदी-सरोवरों के प्रति आज भी हमारी आस्था कितनी गहरी है, इसका प्रमाण शुक्रवार को नदी और सरोवरों के किनारे देखने को मिला, हर कोई रोज स्नान करता है, लेकिन कार्तिक पूर्णिमा पर विभिन्न नदी व सरोवरों में स्नान के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हल्की ठंड के बीच भोर से ही स्नान का सिलसिला शुरू हुआ तो दोपहर बाद तक चलता रहा। लोगों ने स्नान-दान व दर्शन-पूजन के बाद मेले का आनंद उठाया। मेले में तरह-तरह के सामानों की दुकानें सजी हुई थीं। श्रद्घालुओं ने स्नान के साथ गरीब, असहाय व भिक्षुकों को अन्न, प्रसाद, दक्षिणा व वस्त्रादि का दान कर परिवार की सुख समृद्घि की कामना की। श्रद्घालुओं की सुरक्षा को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। वहीं महिला पुलिस भी महिलाओं की मदद करती रहीं।
विज्ञापन

ऋषि दुर्वासा की तपोस्थली पर लाखों श्रद्धालुओं ने तमसा-मंजूसा के संगम में डुबकी लगाकर शिव मंदिर में जल चढ़ाया। साथ ही ऋषि दुर्वासा के चरणों में सिर रखकर आशीर्वाद लिया। तीन दिवसीय मेले में कुछ लोग अपने रिश्तेदार के यहां रुके और कुछ लोग धाम स्थित मंदिरों में रुक गए। भोर के तीन बजे से ही संगम में स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। वहीं बच्चों ने झूले का आनंद उठाया तो बड़ों ने सौंदर्य प्रसाधन से लेकर, खेती व मनोरंजन के लिए सामान खरीदे।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर भैरव बाबा की पावन नगरी भैरव मंदिर पर सुबह चार बजे से श्रद्धालुओं का आना जाना शुरु हो गया था। भैरव भक्तों ने पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई। भैरव भक्तों ने स्नान करने के पश्चात फूल, माला बताशा, नारियल, चुनरी, काली मिर्च, हलवा पूरी, अगरबत्ती, लेकर मंदिर में जा कर पूजा-अर्चना की। जयकारे लगाते हुए मंदिर में लगे घंटे को बजाया तथा जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। वहीं पर अपने एवं अपने परिवार के सुख समृद्धि के लिए मन्नतें मांगी।
विज्ञापन

तमसा और कुंवर नदी के संगम तट पर दत्तात्रेय आश्रम है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्घालुओं ने स्नान किया। दत्तात्रेय आश्रम पर भगवान श्रीराम के चरणों में पुष्प अर्पित कर अपने परिवार की सुखमय जीवन की कामना की। पूरा क्षेत्र जय श्री राम के जयकारे से गूंज उठा।
क्षेत्र के सरैया स्थित बाबा पौहारी स्थान पर कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। स्नान कर बाबा पौहारी का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद श्रद्घालुओं ने मेले का लुत्फ उठाया। यहां की मान्यता है कि जो भी आता है मन्नते मांगता है बाबा उसकी मुरादे पूरी करके उसे खुशहाल करके भेजते हैं। इस क्षेत्र के लिए यह स्थान बड़ा ही मनोहर है।
अवंतिकापुरी आवंक धाम पर कार्तिक पूर्णिमा पर सरोवर में श्रद्धालुओं ने स्नान कर सुख-समृद्धि की कामना की। उधर मेले में झूलों आदि का बच्चों ने जमकर आनंद लिया। दुकानों पर लोगों ने अपनी जरुरतों के सामानों की खरीदारी की। राजा जन्मेजय की नाग यज्ञ भूमि अवतिकापुरी आंवक में कार्तिक पूर्णिमा पर 84 बीघे के सरोवर में हजारों लोगों ने आस्था के सागर में डुबकी लगाई। अवंतिकापुरी आंवक में कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के लिए एक दिन पहले ही श्रद्वालुओं ने डेरा डाल दिया था। ज्यों ही भोर हुआ, जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगानी शुरू कर दी। सूर्योदय से पहले ही सभी घाट श्रद्धालुओं से पट गए थे।
कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर सुबह से ही श्रद्धालुओ की भीड़ लगी हुई थी। श्रद्धालुओं स्नान करके वही मंदिर पर दर्शन पूजन किए और मेले का आनंद लिया। दो दिवसीय नैनिजोर में लग रहा मेला में भीड़ काफी बढ़ गई थी। मेले में झूले के साथ अन्य सामान भी उपलब्ध थे। मेले में हजारों की भीड़ इकट्ठा हो गई। मेले की सुरक्षा के लिए रौनापार थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार पांडेय द्वारा पुलिस व पीएसी बल तैनात किया गया था। मेला सकुशल संपन्न हुआ। मेले में दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु और मेलार्थी मेले का आनंद लिया। मेले में आकर्षक का केंद्र किसानों के लिए उपकरण रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें