घटने के बाद अब मंगलवार को घाघरा नदी फिर उफान पर है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी अभी भी लापरवाह बने हुए हैं। बाढ़ चौकियों से कर्मचारी भी नदारद हैं। जलस्तर बढ़ने से आसपास के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर बहने वाली घाघरा एक बार फिर तबाही मचाने को आतुर दिख रही है। नदी का जलस्तर बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख ग्रामीण सहमे हुए है। सोमवार को नदी का जलस्तर बदरहुआं नाले पर 71.36 मीटर था जो मंगलवार को बढ़कर 71.67 मीटर पर पहुंच गया। जो खतरे के बिंदु से एक सेमी नीचे है। डिघिया नाले पर सोमवार को नदी का जलस्तर 70.44 मीटर था जो मंगलवार को बढ़कर 70.77 मीटर पर पहुंच गया। डिघिया नाले पर नदी खतरा बिंदु से 37 सेमी ऊपर बह रही है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के परसिया, सोनौरा, मानिकपुर, बाका, बूढ़नपट्टी गांवों के संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ आया है। लोगों को अपने पालतू जानवरों के लिए चारा लेने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं बाढ़ चौकियों पर अभी तक कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा है। एसडीएम सगड़ी अनिल कुमार ने कहा कि घ्ााघरा का जलस्तर बढ़ा तो है लेकिन अभी खतरे की बात नहीं है।
उधर, जनपद में प्रभारी अधिकारी आपदा के प्रशासनिक कक्ष में बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना मंगलवार को हुई। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बृजेश कुमार ने बताया कि टेलीफोन नंबर 05462 269184 कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है ताकि बाढ़ संबंधी सूचनाओं के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।