आजमगढ़। उप्र विधान परिषद की दैवी आपदा प्रबंधन जांच समिति की समीक्षा बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समिति के सभापति इं. अवनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
इस दौरान विद्युत निगम को लटकते तारों और झुके खंभों को ठीक करने, पिछले तीन वर्षों में विद्युत हादसों की रिपोर्ट देने और नगर निकायों में हीटवेव के लिए वाटर कूलर व प्याऊ संचालित करने को कहा। बैठक में आपदा प्रबंधन, राहत कार्यों और विभागीय तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।
सभापति ने मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप दैवी आपदा से प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लाभार्थियों के सत्यापन के लिए टीम गठन और जांच रिपोर्ट तत्काल भेजने को कहा। राजस्व विभाग के आंकड़ों की समीक्षा कर राहत आयुक्त के माध्यम से रिपोर्ट भेजने का निर्देश भी दिया।
ग्राम प्रधानों के जरिये आपदा राहत योजनाओं का प्रचार-प्रसार, आपदा प्रबंधन बुकलेट वितरण और ग्राम पंचायतों व नगर निकायों में वॉल पेंटिंग व पंपलेट के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
सभापति ने पिछले तीन साल में कंबल वितरण और अलाव की स्थिति की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने वेस्ट वाटर को नदियों में जाने से रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने, सरकारी और निजी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने और इसकी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
पीडब्ल्यूडी को अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एनडीआरएफ बजट से करने, सिंचाई विभाग को बांधों के टूटने और रिसाव का स्थाई समाधान करने और वन विभाग को पौधरोपण संरक्षण व निजी संस्थानों में पौधरोपण बढ़ाने के निर्देश दिए।
आयुष विभाग को स्कूलों में योग प्रशिक्षण, पूर्ति विभाग को अन्नपूर्णा भवनों में मानक सामग्री रखने, और पुलिस को घाघरा नदी में बाढ़ के लिए चौकियां स्थापित करने व हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार करने को कहा।
कृषि विभाग को कीटों से फसल बचाव के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। बंदरों की समस्या पर वन विभाग और नगर पालिका को स्थाई समाधान निकालने का निर्देश दिया।
बैठक में डीएम रविंद्र कुमार, एसएसपी हेमराज मीना, समिति सदस्य अंगद कुमार सिंह, रामसूरत राजभर, विशेष आमंत्रित विधान परिषद सदस्य विक्रांत सिंह, सीएमओ अशोक कुमार, डीएफओ जीडी मिश्रा, डीआईओएस, बीएसए, उप कृषि निदेशक आदि मौजूद रहे।