आजमगढ़। हाड़कपाऊ ठंड में खेत की सिंचाई करके घर लौटे चार किसानों के पेट में जोर का दर्द शुरू हुआ। परिवार के लोग इन्हें अस्पताल ले गए। अस्पताल ले जाते समय किसी की रास्ते में मौत हो गई, जबकि किसी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
वहीं दीवानी न्यायालय में एक वकील के मोहर्रिर की तमसा नदी में नहाने से तबियत खराब हो गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ठंड लगने से मरने वालों में दो किसानों की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जबकि तीन के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
लाटघाट संवाददाता के अनुसार रौनापार थाना क्षेत्र के बहावनपुर गांव निवासी रामसकल सिंह (54) रविवार की रात करीब नौ बजे ट्यूबवेल से खेत की सिंचाई कर रहे थे। इस दौरान वहीं पर सो गए। सोमवार की सुबह परिवार के लोग ट्यूबवेल पर पहुंचे तो रामसकल की तबियत खराब होने की जानकारी मिली।
परिवार के लोग उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया ले गए। जहां परीक्षण कर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। रामसकल सिंह एक बेटा और चार बेटियों का पिता था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया।
इसी क्रम में रौनापार थाना क्षेत्र के सरमहा सागर गांव निवासी सुदेशी (40) पुत्र जतनरायन रविवार की रात खेत से घर लौटा। देर रात को उसकी तबियत खराब होने पर परिवार के लोग जब तक उसे अस्पताल ले जाने का प्रबंध करते कि उसकी मौत हो गई।
वहीं गोरिया बाजार संवाददाता के अनुसार बिलरियागंज थाना क्षेत्र के कांधरपुर गांव निवासी वीरेंद्र राम (25) पुत्र अंबिका रविवार की रात खेत की सिंचाई करके घर लौटा और बरामदे में सो गया। सोमवार की सुबह उसके पेट में जोर का दर्द शुरू हुआ।
परिवार के लोग उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वीरेंद्र मां-बाप का इकलौती संतान थी। वह एक बेटे का पिता था। घर पर रहकर खेतीबारी करता था।
अमिलो संवाददादता के अनुसार मुबारकपुर थाना क्षेत्र के बम्हौर गांव निवासी अत्मतुल्ला (55) रविवार की शाम खेत से घर लौटा और भोजन करके बरामदे में सो गया। भोर में उसके पेट में तेज दर्द शुरू हुआ। लोग जब तक अस्पताल ले जाते कि उसकी मौत हो गई।
परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मृत अत्मतुल्ला घर पर रहकर खेती करता था। वह तीन बेटा और तीन बेटियों का पिता था। पांचवी घटना गंभीरपुर गांव निवासी हीरालाल सरोज (40) पुत्र सुक्खू शहर के फराशटोला मुहल्ले में रहता था।
वह दीवानी न्यायालय में वकील का मोहर्रिर था। सोमवार को हीरालाल तमसा नदी में नहाकर घर लौटा और उसके पेट में दर्द और उल्टी शुरू हो गई। परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हीरालाल दो बेटों का पिता था। परिवारवालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।