बाइक समीर चला रहा था। दोनों शाहगंज-आजमगढ़ मार्ग पर इब्राहिमपुर के पास पहुंचे थे कि शाहगंज की तरफ से आ रही तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी। इसमें दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। इस हादसे में उनके सिर में काफी गंभीर चोटें आई और बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से दोनों को फूलपुर सीएचसी पहुंचाया। वहां दोनों की गंभीर स्थिति देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल लाते समय समीर की मौत हो गई। डॉक्टरों ने देखते हुए उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, आकिब का इलाज चल रहा है, जहां उसकी स्थित गंभीर बनी हुई है। टक्कर मारने के बाद चालक कुछ दूर कार छोड़कर फरार हो गया। पुलिस कार को कोतवाली ले आई है। मृतक की मां नसरीन बानो ने कोतवाली में तहरीर दी है। प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, एक की मौत, दो घायल
निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा–आजमगढ़ मार्ग पर बघौरा गांव के पास शुक्रवार शाम करीब सात बजे तेज रफ्तार दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान 26 वर्षीय विश्वजीत कुशवाहा निवासी दिलदार नगर, गाजीपुर के रूप में हुई है।
घायलों में 26 वर्षीय लालू यादव निवासी दिलदार नगर गाजीपुर व 25 वर्षीय पंकज यादव निवासी संजरपुर, कोतवाली सरायमीर, आजमगढ़ शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही फरिहा चौकी प्रभारी चित्रांशु मिश्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। निजामाबाद थाना प्रभारी हिरेंद्र सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
घायल की चार माह बाद इलाज के दौरान मौत
अतरौलिया थाना क्षेत्र के रतुआ पार गांव निवासी रोशन निषाद (29) की शुक्रवार की भोर करीब 04 बजे आंबेडकर नगर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) का काम करता था।
भाई रुदल के अनुसार, चार माह पूर्व सुबह 09 बजे रोशन निषाद अपने भाई कन्हैया निषाद (26) के साथ बाइक से आजमगढ़ आ रहे थे। वह केशवपुर पुल पर पहुंचे, तभी एक प्राइवेट बस ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल आजमगढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने कन्हैया को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी, लेकिन रोशन की हालत गंभीर होने पर उन्हें उच्च उपचार के लिए रेफर कर दिया गया।
परिजनों ने उन्हें आंबेडकर नगर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां लंबे समय तक इलाज चला। शुक्रवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मां की मौत, बेटे से पूछताछ, गला दबाकर हत्या का आरोप
गंभीरपुर थाना क्षेत्र के सिंघड़ा गांव में केशा देवी (48) की बृहस्पतिवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पति ने बताया कि पत्नी अचानक गिरकर घायल हो गई थी। उधर, किसी ने पुलिस को फोन कर सूचना दी कि महिला के बड़े पुत्र ने गला दबाकर हत्या की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हालांकि देर शाम पाेस्टमार्टम रिपोर्ट में सामान्य मौत की पुष्टि हुई।
पति त्रिभुवन ने बताया कि पत्नी केशा देवी बृहस्पतिवार की रात 8 बजे किसी काम से घर से निकल रही थीं। इसी दौरान अचानक गिर पड़ीं और घायल हो गईं। उन्हें पहले गंभीरपुर के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।
इसके बाद रानी की सराय सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव घर लाए जाने के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस को फोन कर सूचना दी कि मौत स्वाभाविक नहीं है, बल्कि उसके बड़े पुत्र ने गला दबाकर हत्या की है।
सूचना मिलते ही गंभीरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी बड़े पुत्र को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है। मृतका केशा देवी चार पुत्रों और दो पुत्रियों की मां थीं। थानाध्यक्ष गंभीरपुर अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि महिला की मौत की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराया गया, जहां पर उसकी मौत की रिपोर्ट सामान्य आई है।
बीमारी से ग्रसित सीआरपीएफ जवान की मौत
रानी की सराय के रुदरी गांव निवासी सीआरपीएफ के जीसी-2 केंद्र अजमेर में तैनात जवान रविंद्र नाथ गोंड (50) का बीमारी के चलते उपचार के दौरान निधन हो गया। उनकी तबीयत खराब होने पर उन्हें 15 दिन पहले इलाज के लिए वाराणसी ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।
शुक्रवार को जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचते ही परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्रीय लोग उनके घर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्रामीणों ने बताया कि सीआरपीएफ के जवान अपने पीछे पत्नी और दो पुत्रों को छोड़ गए हैं, उनके पुत्र वर्तमान में पढ़ाई कर रहे हैं। गांव के बगल स्थित मनोगी पोखरा पर जवान का अंतिम संस्कार पूरे विधिविधान से के साथ किया गया।