आजमगढ़। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के निहोरगंज बाजार में एक दुकान को खाली कराने को लेकर दो बुधवार से हंगामा चल रहा था। बृहस्पतिवार को शिकायत पर पहुंची पुलिस टीम पर दुकान खाली कराने वालों ने पथराव किया। जिस पर पुलिस को हल्का बल भी प्रयोग करना पड़ा। इस मामले में एसपी ने इंस्पेक्टर देवगांव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया वहीं किरायेदार संगीता पत्नी राजेश गुप्ता की तहरीर पर देवगांव कोतवाली में 13 नामजद समेत डेढ़ से दो सौ लोगों के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद 5 लोगों को शुक्रवार को गिरफ्तार भी कर लिया।
देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कपसेठा गांव निवासी सुरेंद्र यादव पुत्र देवनाथ का निहोरगंज बाजार में एक दुकान है, जिसे वह वाराणसी के चोलापुर निवासीनी संगीता गुप्ता पत्नी राजेश गुप्ता को किराये पर दिया हुआ था। संगीता इस दुकान में मिठाई की दुकान संचालित करती थी। इसी दुकान को खाली कराने को लेकर दुकान मालिक ने बुधवार की सुबह दुकान का सारा सामान बाहर फेक दिया और जबरन दुकान पर काबिज हो गया। एसपी से शिकायत हुई तो उन्होंने इंस्पेक्टर देवगांव को दुकानदार का सामान दुकान में करवाने का निर्देश दिया। इसके बाद भी इंस्पेक्टर ने कुछ नहीं किया और एसपी को झूठी सूचना दे दिया कि दुकानदार का सामान अंदर करा दिया गया है। बृहस्पतिवार को पीड़िता संगीता ने एसपी को फोनकर यथा स्थिति से अवगत कराया। जिस पर एसपी भी एसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान दुकान मालिक व उसके समर्थकों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। जिस पर पुलिस को भी हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। संगीता की तहरीर पर पुलिस ने 13 नामजद समेत डेढ़ से दो सौ अज्ञात पर मुकदमा पंजीकृत किया और नामजद अभियुक्तों की तलाश में जुट गई। शुक्रवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर निरीक्षक अपराध राकेश कुमार सिंह ने मोलनापुर पुलिया के पास से पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में देवनाथ यादव पुत्र निहोरी यादव, इंद्राज यादव पुत्र देवनाथ, अजीत पुत्र केशव, संतोष पुत्र वीरजू निवासीगण कपसेठा व पिंटू सरोज पुत्र विजेंद्र निवासी कैथीशंकरपुर थाना कोतवाली देवगांव शामिल है। अन्य नामजद अभियुक्तों की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई।