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हादसे को दावत: ओवरब्रिज के नीचे कब्जे का बाजार, सेतु निगम ने भी बना लिया अस्थायी ऑफिस और गोदाम

Sat, 22 Aug 2026 12:14 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

आजमगढ़ में कहीं ओवरब्रिज के नीचे दुकानें संचालित हो रही हैं तो कहीं सरकारी तंत्र की देखरेख में ही कब्जे नजर आ रहे हैं। ओवरब्रिज के नीचे सेतु निगम ने भी अस्थायी ऑफिस और गोदाम बना लिया है। 
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ओवरब्रिज के नीचे संचालित हो रहीं दुकानें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ओवरब्रिज और पुल सरकारी संपत्ति होते हैं। इनके नीचे या आसपास कब्जा करने पर कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन शहर में बने ओवरब्रिज के नीचे यह नियम बेमानी साबित हो रहे हैं। जिले में कहीं ओवरब्रिज के नीचे दुकानें संचालित हो रही हैं तो कहीं सरकारी तंत्र की देखरेख में ही कब्जे नजर आ रहे हैं। बेलइसा में पहले सेतु निगम की ओर से ओवरब्रिज बनाया गया और इसके बाद उसी के नीचे कब्जा कर गोदाम और ऑफिस बना लिए गए।

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सिधारी में बने ओवरब्रिज के नीचे भी कमोबेश यही स्थिति है। यहां 20 से अधिक दुकानें धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। दुकानदारों ने ओवरब्रिज के नीचे की जगह को कारोबार के लिए इस्तेमाल कर रखा है। इसके कारण सरकारी संपत्ति का व्यावसायिक उपयोग तो हो ही रहा है, साथ ही कई जगह आवागमन भी प्रभावित होता है।

हैरानी की बात यह है कि पिछले पांच साल में जिम्मेदार विभाग की ओर से एक भी दुकान संचालक को नोटिस जारी नहीं किया गया। ऐसे में यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बेलइसा ओवरब्रिज को बनाने के बाद सेतु निगम ने पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दिया।
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इसके बाद ब्रिज के नीचे ही सेतु निगम ने एक बड़ा गोदाम बना लिया। इसके बाद अब पक्का निर्माण कर नया ऑफिस बना रहा है। ऑफिस में कई कमरे भी बने हैं। साथ ही उसमें बाथरूम, शौचालय और किचन तक बनाया गया है। ऊपर से विभाग ने टीन शेड डाल दिया है। हालांकि अभी प्लास्टर का काम बाकी है।

सेतु निगम ने भी बना लिया अस्थायी ऑफिस - फोटो : अमर उजाला
जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
ओवरब्रिज के नीचे अतिक्रमण और व्यावसायिक गतिविधियां खुलेआम संचालित होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जब आम व्यक्ति सरकारी जमीन पर कब्जा करता है तो तत्काल कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन ओवरब्रिज के नीचे वर्षों से चल रही दुकानों पर जिम्मेदारों की नजर क्यों नहीं पड़ रही, यह बड़ा सवाल है।
 
बेलइसा में गोदाम और ऑफिस, सिधारी में दुकानें
बेलइसा ओवरब्रिज के नीचे सरकारी संपत्ति पर सरकारी विभाग के लोगों ने ही गोदाम और ऑफिस तक बना दिए हैं। वहीं सिधारी ओवरब्रिज के नीचे 20 से अधिक दुकानें चल रही हैं। ऐसे में यह पड़ताल का विषय है कि इन कब्जों के लिए किस विभाग की अनुमति है और यदि अनुमति नहीं है तो अब तक इन्हें हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
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ये हैं नियम 
  • ब्रिज के नीचे सड़क, सर्विस रोड, पैदल रास्ते या आपातकालीन मार्ग को दुकान, सामान, वाहन या निर्माण सामग्री रखकर बाधित नहीं किया जा सकता।
  • सरकारी जमीन पर बिना सक्षम स्वीकृति माल, निर्माण सामग्री या अन्य सामान रखने के लिए स्थायी/अस्थायी गोदाम बनाना अतिक्रमण माना जा सकता है।
  • पिलर और संरचना के आसपास ऐसा कब्जा नहीं होना चाहिए जिससे विभाग को निरीक्षण, रखरखाव या मरम्मत में परेशानी हो।
  • पेट्रोल, गैस, ज्वलनशील सामग्री या आग का जोखिम पैदा करने वाली गतिविधियां ब्रिज के नीचे विशेष रूप से गंभीर सुरक्षा समस्या बन सकती हैं।
  • सरकारी भूमि/सार्वजनिक संपत्ति पर अनधिकृत कब्जे के मामले में संबंधित सक्षम प्राधिकारी नोटिस देकर कब्जा हटाने की कार्रवाई कर सकता है।

अधिकारी बोले
ओवरब्रिज बनाने के बाद पीडब्ल्यूडी को ब्रिज हैंडओवर कर दिया जाता है। इसके बाद उसकी देखरेख और अतिक्रमण पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी उन्हीं की होती है। बेलइसा ओवरब्रिज के नीचे ऑफिस बनाने की तो वह अस्थायी रूप से बनाया गया है। बगल में ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। इसलिए वहीं पर जेई, इंजीनियर समेत अन्य कर्मचारी और मजदूर रहेंगे। हालांकि यह भी नियम के खिलाफ है, लेकिन करे भी तो क्या करें। -ज्ञानेंद्र वर्मा, अधिशासी अभियंता, सेतु निगम 

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