अतरौलिया के सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में आग बुझाने का प्रशिक्षण देते फायरकर्मी। संवाद
अतरौलिया। संभावित अग्निकांड जैसी आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में अग्निशमन विभाग की ओर से फायर मॉकड्रिय्व इवैक्यूएशन ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बचाव, त्वरित कार्रवाई और राहत कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया। फायर ऑफिसर नीरज कुमार दुबे ने अस्पताल परिसर में काल्पनिक अग्निकांड का अभ्यास कराया। इस दौरान मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। साथ ही प्राथमिक अग्निशमन उपायों और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों की विस्तार से जानकारी दी गई। अग्निशमन विभाग की टीम ने कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर सहित अन्य अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आग लगने पर घबराने के बजाय तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना देना, बिजली आपूर्ति बंद करना और उपलब्ध संसाधनों का सही ढंग से उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार सिन्हा ने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में इस प्रकार की मॉकड्रिल कर्मचारियों की आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण से आपात स्थिति में जनहानि और नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। कार्यक्रम में अस्पताल के चिकित्सक, कर्मचारी और अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।