आजमगढ़। झांसी में आग की घटना में 10 नवजातों की आग से मौत हो गई। लेकिन जिले में अब तक प्रशासन ने इससे सबक नहीं लिया है। कार्यालयों में लगे फायर इस्टींग्यूसर काफी पहले ही एक्सपायर हो चुके हैं। सरकारी बिल्डिंग में लगे फायर फाइटिंग के उपकरण गायब हो चुके हैं। सोमवार को विकास भवन, कृषि भवन और सीएमओ कार्यालय की पड़ताल में कुछ ऐसे ही तथ्य सामने आए।
समय: एक बजे
स्थान: विकास भवन
आजमगढ़। पांच मंजिला विकास भवन में कुल 12 विभाग संचालित होते हैं। इनमें सैकड़ों कर्मचारी काम करते हैं। विकास भवन में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया गया है लेकिन यह पूरी तरह से बेकार पड़ा है। इतना ही नहीं, पांच मंजिला भवन में मात्र दो जगहों एक सीडीओ कार्यालय के सामने और दूसरा उसके ऊपरी मंजिल पर फायर इस्टींग्यूसर लगा मिला। लेकिन, 2011 के बाद इनकी रिफलिंग कराने की जरूरत नहीं समझी गई।
समय: 11 बजे
स्थान सीएमओ कार्यालय
आजमगढ़। नगर के हर्रा की चुंगी क्षेत्र स्थित सीएमओ कार्यालय में भी लगे फायर इस्टींग्यूसर की हालत खस्ता मिली। जबकि इस कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों के साथ ही लगभग 40 कर्मचारी प्रतिदिन काम करने के लिए पहुंचते हैं। इस बिल्डिंग में कहीं भी फायर फाइटिंग सिस्टम नजर नहीं आया। आग से सुरक्षा के लिए छह फायर इस्टींग्यूसर लगाए गए हैं। जब इनकी जांच की गई तो यह जुलाई 2024 में ही एक्सपायर पाए गए। इन्हें रिफलिंग करने की जरूरत नहीं समझी गई।
समय: तीन बजे
स्थान: कृषि विभाग
आजमगढ़। नगर के सिधारी क्षेत्र में कृषि विभाग का आफिस है। यहां पर मंडलीय अधिकारियों के साथ ही जिले स्तर के अधिकारी भी बैठते हैं। लेकिन, इस पूरे भवन में सोमवार को की गई पड़ताल में कहीं भी आग से बचाव के कोई उपाय नजर नहीं आए। यहां तक कि कार्यालयों में फायर इस्टींग्यूसर भी नजर नहीं आया।
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बोले जिम्मेदार
- हमारे कार्यालय की बिल्डिंग काफी पुरानी है। इसमें फाइटिंग सिस्टम नहीं लगा है। रही बात फायर इस्टींग्यूर के एक्सपायर होने की तो इसके लिए शासन को पत्र भेजकर बजट मांगा जाएगा और इसकी रिफलिंग कराई जाएगी।
डाॅ. अशोक कुमार, सीएमओ।
- विकास भवन में फायर सिस्टम को सही कराने के साथ ही लिफ्ट को दुरुस्त कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया गया है। इसे शासन के पास भेजा जा रहा है। धन की स्वीकृति मिलते ही इसे दुरुस्त कराया जाएगा। रही बात फायर इस्टींग्यूसर के रिफलिंग की तो इसे हम दिखवाते हैं।
संजय सिंह, जिला विकास अधिकारी।
- हमारे यहां ऐसा कोई कार्य होता ही नहीं कि इस तरह की घटना हो। बहरहाल हम बाल्टी में बालू भरवा कर रखवा लेते हैं।
गोपाल दास, संयुक्त कृषि निदेशक।