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फर्जी अभिलेख से चिकित्सा पूर्ति और यात्रा भत्ता लेना पड़ा मंहगा

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आजमगढ़। गन्ना विभाग के सेवानिवृत्त गन्ना विकास निरीक्षक को फर्जी अभिलेख के आधार पर चिकित्सा पूर्ति और यात्रा भत्ता लेना उस समय महंगा पड़ गया जब जांच में अभिलेख फर्जी पाए गए। गन्ना विभाग की ओर से नगर कोतवाली में दी गई तहरीर के आधार पर बुधवार को पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है।
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गन्ना विभाग में गन्ना विकास निरीक्षक के पद पर तैनात रामकृष्ण मिश्रा विभाग से सेवानिवृत्त हो गए। लेकिन अपने चिकित्सा पूर्ति और यात्रा भत्ता के बकाए के भुगतान के लिए उन्होंने विभाग में बिल लगाया हुआ था। परीक्षण के दौरान पाया गया कि जिस दिन वह लखनऊ की यात्रा पर थे इसी दौरान उन्होंने वाराणसी में स्वास्थ्य सेवा भी हासिल की है। उनके द्वारा लगाए गए सार्टीफिकेट में डा. एसके पाठक द्वारा उनका स्नोफीलिया का आपरेशन होना दर्शाया गया था। जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने बताया कि इनके द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिलेखों के संदिग्ध होने पर इसकी जांच की गई। जांच में जिस चिकित्सक का इन्होंने इलाज का सार्टीफिकेट लगाया था। उसे उन्होंने फर्जी करार दिया। इसके बाद इनके खिलाफ नगर कोतवाली तहरीर दी गई। जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है।
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