दी किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव में फाइब्राइजर जल जाने से पेराई बाधित है। क्रेन परिसर में गन्ने से जाम लगा है और ट्रांसपोर्टरों को प्रतिदिन लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सठियांव चीनी मिल का दावा पहले ही ट्रायल में फेल साबित हो गया। गन्ने को छोटे छोटे टुकड़ों में करने वाला फाइब्राइजर आधे घंटे में ही जल गया। दरअसल हाई वोल्टेज के कारण ऐसा हुआ है। फाइब्राइजर को चलाने के लिए 11 हजार वोल्टेज चाहिए। कार्यदायी संस्था इस्जैक के जनरल मैनेजर वीके मिश्रा ने बताया कि बुलंदशहर से दूसरी मशीन मंगाई जा रही है।
फैक्टरी बंद होने से गन्ना किसान तौल नहीं करा पा रहे हैं। उनके सामने सोने और खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। मिल में मात्र पांच सौ लीटर पानी की टंकी लगी है, जिसका पानी भरते ही खत्म हो जा रहा है। मुख्य गन्ना अधिकारी विनय प्रताप सिंह ने बताया कि 16 हजार क्विंटल गन्ना मिल में है जबकि 65 हजार क्विंटल का इंडेंड जारी हुा है। पेराई में देर से गन्ना सूखने पर चीनी की रिकवरी कम होगी। अतरौलिया क्रय केंद्र के ट्रक चालक श्रीराम यादव यादव ने बताया कि वे तीन दिन से तौल का इंतजार कर रहे हैं। महराजगंज क्रय केंद्र के चालक राहुल यादव, महराजगंज के किसान कांता व अतरौलिया के संतोष ने बताया कि खाने-पीने और सोने की दिक्कत है।