फैजाबाद जिले के रौनाही थाने के सामने रविवार की रात हुए सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत होने से कप्तानगंज और कंधरापुर थाना क्षेत्र के चार गांवों में कोहराम मच गया। इनकी मौत से 13 बच्चों के सिर से बाप का साया उठ गया। गांव का आलम यह था कि पीड़ित परिवार को सांत्वना देने आए रिश्तेदारों सहित गांव के लोगों का कलेजा फट जा रहा था। हर तरफ महिलाओं की चीख-पुकार ही सुनाई दे रही थी। घटना को लेकर क्षेत्र में मातम छा गया है।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के जेहरा पिपरी गांव के निवासी सुनील कुमार निषाद (23) तीन भाइयों में छोटा था। वह दो माह पूर्व ही पिता बना था। आरा मशीन मालिक सुनील बेटा पैदा होने के बाद निशानी के तौर पर नई एसयूवी खरीदी थी। सुनील की नई गाड़ी में उसके मित्र और सहकर्मी कंधरापुर थाने के जोलहा जमाआं गांव निवासी चुन्नीलाल विश्वकर्मा (45), सुभाष यादव (30), कंधरापुर थाना क्षेत्र के मंदूरी गांव निवासी अभिषेक मौर्य (25), जिगना करमनपुर गांव निवासी पप्पू विश्वकर्मा (35), कप्तानगंज थाना क्षेत्र के जेहरा पिपरी गांव निवासी अनिल कुमार (45), कप्तानगंज बाजार निवासी अर्जुन सोनकर (20) और कंधरापुर थाने के देवखरी गांव निवासी मनोज विश्वकर्मा (36) गाड़ी में बैठकर रविवार की शाम छह बजे अयोध्या में दर्शन पूजन करने गए थे।
वहां से सभी लखनऊ में चिड़ियाघर देखने जा रहे थे। इसी दौरान ट्रक की टक्कर में सभी की मौत हो गई। चुन्नीलाल तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था और चार बच्चों का पिता, सुभाष यादव तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर दो बच्चों का पिता था। अभिषेक मौर्य की फरवरी 2015 में शादी हुई थी। वह दो भाइयों और एक बहन में छोटा था। चार बच्चों का पिता पप्पू विश्वकर्मा और दो बच्चों का पिता अनिल कुमार अपनी पिता की इकलौती संतान था। जबकि अर्जुन पांच भाई और दो बहनों में चौथे नंबर पर था। उसकी शादी नहीं हुई थी। इन सभी लोगों का घर कप्तानगंज बाजार के आसपास है। एक किलोमीटर की परिधि में इनका गांव है। अभिषेक को छोड़ अन्य लोग लकड़ी का कारोबार करते थे। ये आपस में अच्छे दोस्त थे।
खुद फ्रेम में उतर गया फोटो खींचने वाला
कंधरापुर थाना क्षेत्र के मंदूरी गांव निवासी अभिषेक मौर्य दो भाई और एक बहन में छोटा था। परिवार की जीविका चलाने के लिए अभिषेक कप्तानगंज बाजार में फोटो स्टूडियो चलाता था। फोटोग्राफी में माहिर अभिषेक की फोटोग्राफी की तारीफ आसपास के गांवों में होती थी। उसकी मौत के बाद क्षेत्र में यही चर्चा थी कि लोगों का फोटो फ्रेम तैयार कराने वाला आज खुद ही फ्रेम में उतर गया।
अब किसकी कलाई पर राखी बांधेंगी बहनें
जिगना करमनपुर गांव निवासी पप्पू विश्वकर्मा के पिता की मौत हो चुकी है। ऐसे में चार बच्चों, पत्नी, बूढ़ी मां का वही सहारा था। चार बहनों में इकलौते भाई पप्पू की तीन बहनों की शादी हो चुकी है। छोटी बहन कुसुम घर पर है। घर की जिम्मेदारी बूढ़ी मां अंतराजी देवी के कंधों पर आ गई है। रविवार को इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही अंतराजी के मुंह से यही बोल निकल रहा था-अब बहनें रक्षाबंधन पर किसके हाथ पर राखी बांधेंगी।
मंत्रियों ने बंधाया ढांढस
फैजाबाद में हुई सड़क दुर्घटना में मृत आठ लोगों के घर रविवार को कैबिनेट मंत्री बलराम यादव, दुर्गा प्रसाद यादव और राज्यमंत्री वसीम अहमद पहुंचे। परिवारवालों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाते हुए सरकार की तरफ से हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया।