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Azamgarh News: घाघरा की कटान से किसानों की भूमि और आशियाने पर संकट

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लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र में उत्तर की ओर बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे चला गया है। हालांकि, नदी की कटान ने क्षेत्रीय किसानों की चिंता बढ़ा दी है। नदी की कटान से परसिया, देवारा खास राजा के झगरहवा, बगहवा और बासु का पूरा समेत कई गांव प्रभावित हैं।
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इस बार घाघरा नदी के कटान के जद में केडी, वीरेंद्र, कृपाल, राम प्रसाद, सर्दुल, गुलाब, रामकिशन, रेखा, गुल्लू, कन्हैया, बजरंगी, राजकुमार, छबिलाल, बहादुर आदि लोग आ गए हैं। इन गांवों के किसानों की खेती योग्य भूमि अब घाघरा में विलीन हो चुकी है और उनके घरों और आशियानों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

सहबदिया गांव के सामने हो रही कटान ने अब तक 50 एकड़ से अधिक जमीन घाघरा में समा चुकी है। इसमें जोखन सिंह पटेल, विनोद सिंह पटेल, इंदल पटेल, विंध्याचल, झिलानू और अन्य शामिल हैं। सहनूपुर गांव के राजेंद्र पटेल की भूमि भी लगातार कटती जा रही है।
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कटान रोकने को मिला आश्वासन, अमल नहीं

लाटघाट। घाघरा नदी की कटान के समाधान के लिए ग्रामीणों ने सगड़ी विधानसभा के विधायक डॉ. एचएन पटेल और बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव, सहायक अभियंता और अवर अभियंता से शिकायत की। इस पर विधायक अधिकारियों के साथ कटान स्थल पर पहुंचे। विधायक और अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बाढ़ के बाद कटान रोकने के उपाय किए जाएंगे। सगड़ी तहसीलदार विवेकानंद दुबे ने संबंधित लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निर्देशित किया है कि उन सभी किसानों की सूची तैयार की जाए जिनकी भूमि घाघरा में कट चुकी है या कट रही है, ताकि उन्हें मुआवजा प्रदान किया जा सके।
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