आम बजट में इस बार किसानों, गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ छात्रों का विशेष ध्यान रखा गया है। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाने, यूजीसी में सुधार करने की व्यवस्था बनाई गई है। बजट में मनरेगा योजना और फसल बीमा योजना के लिए बजट बढ़ाकर गांवों के मजदूर वर्ग तथा किसानों को लाभ पहुंचाया गया है।
मनरेगा का बजट बढ़ाने के पीछे सरकार की मंशा गांवों के गरीबों और अशिक्षित बेरोजगारों रोजगार मुहैया कराना है लेकिन यह तभी संभव होगा जब पारदर्शिता के साथ योजना का ठीक ढंग से क्रियान्वयन किया जाए। फसल बीमा योजना का बजट बढ़ने से किसानों को लाभ मिलेगा। आयकर की सीमा तीन लाख रुपये करने से नौकरीपेशा लोगों को लाभ होगा।
बेघरों के लिए 2019 क एक हजार मकान बनाने का लक्ष्य है। गर्भवती महिलाओं के खाते में 6000 रुपये भेजने की व्यवस्था बनाई गई है ताकि कुपोषण पर अंकुश लगाया जा सके। वहीं रेल बजट में सरकार ने आईआरसीटी के जरिए आरक्षित टिकट बुकिंग को सर्विस टैक्स से मुक्त किया है जिससे ट्रेन से दूर की यात्रा करने वाले लोगों को लाभ मिलेगा।
वित्त मंत्री ने बजट में राजनीतिक पार्टियों पर भी अंकुश लगाया है। कोई भी राजनीतिक पार्टी एक व्यक्ति से महज दो हजार रुपये ही चंदा ले सकती है। बजट में जिले के विभिन्न वर्ग के लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया रही।