आजमगढ़ के द किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव में पुरानी पर्ची पर तौल कराने को लेकर सोमवार की दोपहर किसान और प्रबंधन तंत्र आमने-सामने आ गए। आरोप है कि मुख्य गन्ना अधिकारी राधेश्याम पासवान ने अपने गार्ड और सुरक्षाकर्मियों से किसानों पर हमला करा दिया, इसमें दो किसान घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर चीनी मिल के जीएम मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर मामला शांत कराया। साथी किसानों ने घायल किसानों का स्थानीय स्तर पर इलाज कराया।
चीनी मिल सठियांव में सोमवार को महराजगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव से दो किसान लालजी (45) पुत्र हीरा प्रसाद और लाले (49) पुत्र गुफ्तार गन्ना लेकर पहुंचे। इन दोनों कृषकों की गन्ना आपूर्ति तिथि 19 जनवरी को निर्धारित थी।
इसपर तौल लिपिक ने वजन करने से मना कर दिया। इस पर दोनों किसान मुख्य गन्ना अधिकारी से मिलने गेस्ट हाउस गये। आरोप है कि उन्होंने घंटेभर रोकने के बाद आफिस में मिलने को बोला। साढ़े दस बजे किसान आफिस पहुंचे तब प्रधान प्रबंधक बीके अबरोल से मिलने को कहा गया।
वहां पहुंचने पर जीएम ने सीसीओ मिलने की बात कही। पुरानी पर्ची पर गन्ना तौल कराने पहुंचे करीब दो दर्जन से किसान ये हीलाहवाली देख गन्ना उतारने वाले क्रेन तक पहुंचकर उसे रोक दिया। इसकी सूचना मुख्य गन्ना अधिकारी तक पहुंची तो वे पुलिस को खबर करते वे मौके पर पहुंच गए।
वहां आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्य गन्ना अधिकारी की सुरक्षा में लगे कर्मचारी मारपीट करने लगे, जिसमें लालजी व लाले घायल हो गए। साथियों को पीटने का समाचार पाकर अन्य कृषक पुन: हंगामा करने लगे।
इस बीच प्रधान प्रबंधक भी वहां पहुंच गए और किसी तरह मामले को यह कहकर कि जनवरी के बाद सिर्फ एक सप्ताह की पुरानी पर्ची पर खरीद होगी मामले को शांत कराया। घटना के समय मौजूद किसान घायल किसानों को क्षेत्र के निजी अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया।
मिल पर कोई मारपीट नहीं हुई
सठियांव। द किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव के प्रबंधक बीके ओबरोल ने कहा कि सोमवार को चीनी मिल पर मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई। जिले के किसान जिनके नाम पर्ची जारी होती है उसे मोबाइल पर एसएमएस भेजकर सूचना दे दी गई है।
एक सप्ताह से अधिक समय की पर्ची पर चीनी मिल गन्ना नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि सूचना देने के बाद पिछले एक पखवारे से किसान पुरानी पर्ची पर आपूर्ति कर रहे हैं। जिसके चलते हम नई पर्ची जारी नही कर पा रहे है। उन्होंने बताया कि फरवरी माह से मात्र एक सप्ताह पुरानी पर्ची पर सप्लाई होगी।