तहबरपुर में किसान महासम्मेलन में मौजूद किसान
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश सिंह टिकैत ने कहा कि किसानों की भूमि का जबरन अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा। समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे में जाने वाले भूखंडों का सैफई और मुजफ्फरनगर के बराबर मुआवजा नहीं मिला तो किसान एक्सप्रेस वे न बनने दें। टिकैत फार्मूले पर काम करें तो सरकार को घुटने टेकने पड़ेंगे। वे गुरुवार को तहबरपुर में आयोजित किसान महासम्मेलन में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे में जाने वाली उनकी भूमि का सैफई और मुजफ्फरनगर के बराबर मुआवजा दे वरना हम रोड नहीं बनने देंगे। कहा कि हमारे पास किसानों की समस्या हल करने का फार्मूला है। पूर्व में हुए तमाम किसान आंदोलनों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि टिकैत फार्मूला अपनाकर किसान जिस दिन अपनी जमीन पर खड़ा हो जाएगा उस दिन सरकार घुटने टेक देगी।
अधिकारी और कर्मचारी सरकार की कठपुतली हैं, वह हमें बहकाने और धमकाने का काम करेंगे लेकिन हमें उनके बहकावे में नहीं आना है। उन्होंने मंच के माध्यम से उपजिलाधिकारी निजामाबाद अनिल कुमार सिह को ज्ञापन सौंपा और हिदायत दी कि किसी किसान की भूमि जबरदस्ती बैनामा न कराई जाए। भाजपा के पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने कहा कि हर लड़ाई में हम किसानों के साथ हैं। किसान सम्मेलन में यहां के सांसद मुलायम सिंह यादव को भी आना चाहिए था। भाजपा नेता डा. पीयूष सिंह यादव ने कहा कि किसानों की जमीनों को सरकार औने-पौने दाम पर नहीं खरीद सकती। इसके लिए हम किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेंगे।
किसानों का हित सर्वोपरि है। किसान रामबदन यादव ने कहा कि किसानों की जमीनों का केंद्र के बराबर मुआवजा दिलाया जाए नहीं वरना संघर्ष जारी रहेगा। सम्मेलन में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश सिंह, सचिव राजवीर सिंह, रामबदन यादव, आनंद कुमार यादव, योगेंद्र यादव, पंकज कुमार राय, अमर जीत यादव, शिव प्रसाद राय, केशरी नारायन राय, विश्वास यादव, शेरबहादुर सिंह आदि उपस्थित थे।