अतरौलिया। स्थानीय नगर पंचायत क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति की कोरोना से 12 अगस्त को ही मौत हो चुकी है। शव का अंतिम संस्कार भी किया जा चुका है। अब परिजनों ने पीएम, सीएम व डीएम को फैक्स के माध्यम से पत्रक दे कर जबरन कोरोना पॉजिटिव बताने व इलाज में लापरवाही करने के साथ ही मौत के बाद अंगूठी, चेन व पैसा निकाल लेने का आरोप लगाया है।
पीएम, सीएम व डीएम को भेजे शिकायती पत्र ने मृतक के साले ने आरोप लगाया कि मृतक सामान्य जीवन जी रहा था और उसे हल्का बुखार व खांसी हुआ था। सीएचसी पर लगे कैंप में कोरोना की जांच हो रही थी तो वहां उसके जीजा की भी तीन बार जांच की गई। तीनों पर रिपोर्ट निगेटिव आई। चौथी बार सीएमएस व डॉक्टरों ने जबरन जांच किया और उसे पॉजिटिव बता दिया। इसके बाद घर में आइसोलेट होने की जगह होने के बाद भी उसे जबरन महामृत्युंजय अस्पताल चंडेश्वर भेज दिया गया। जहां उसे सिर्फ काढ़ा ही दिया जा रहा था। कोरोना संक्रमित लोगों के बीच रहने से उसकी हालत भी गंभीर होने लगी। सांस लेने में दिक्कत हुई तो वहां आक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी। इसकी शिकायत करने पर उन्हें मेडिकल कालेज चक्रपानपुर भेज दिया गया। जहां आक्सीजन तो उपलब्ध हुआ लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कर दिया गया जहां 12 अगस्त को उसकी मौत हो गई। लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। मृतक के साले का यह भी आरोप था कि जब मरीज को भर्ती कराया गया था तो वह सोने की चेन, अंगूठी पहने हुए थे इसके साथ ही जेब में पैसे भी थे। कई बार अस्पताल प्रशासन ने सामान मांगे गए लेकिन अब तक नहीं वापस किए गए। मृतक के साले ने न्याय की गुहार लगाई है।