विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में दसवीं मुहर्रम को बड़ी ही अकीदत के साथ मुहर्रम का त्योहार मनाया गया और देश शाम सभी ताजिए अपनी-अपनी कर्बलाओं में दफन कर दिए गए। मालटारी संवाददाता के अनुसार, पारीपट्टी, डोरवा, सुंदरसराय बल्लो, जीयनपुर से मुहर्रम पर ताजिए का जुलूस निकाला गया। जिसमें हिंदुओं ने मुसलमानों के साथ बढ़चढ़ कर शामिल हुए। ोरवा चौहान बस्ती में तीन सौ वर्ष से पहले से हिंदू परिवार ताजिया बनाने का काम करते चले आ रहे हैं। ताजिया को पूरे क्षेत्र में भ्रमण कर कर्बला के मैदान में दफनाया किया गया।
मेजवां संवाददाता के अनुसार, फूलपुर और ग्रामीण क्षेत्रों से अकीदत के साथ ताजिए का जुलूस निकाला गया। अजादारों के हुजूम के बीच या अली मौला की सदा से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। फूलपुर में अंजुमन मासूमिया, मेजवां में अंजुमन अब्बासिया, चमावां में अंजुमन फरोगे अजा़, दसमड़ा में गुलजारे पंजतन, नाहरपुर, शाहजेरपुर, माहुल, अंबारी, कंदरी, कुशलगांव, मलगांव, बहाउद्दीनपुर, समैसा, मकसूदन चक आदि स्थानों पर अंजुमनों द्वारा जुलूस निकाला गया।
अतरौलिया नगर पंचायत से निकलने वाला ताजिया का जुलूस अपने पुराने रास्ते से नहीं ले जाया गया क्योंकि जिस रास्ते से ताजिए का जुलूस निकलता है, उसी रास्ते पर मूर्ति को स्थापित किए जाने से जुलूस बब्बर चौक होते हुए कर्बला के मैदान पहुंचा। मुबारकपुर संवाददाता केे अनुसार, जुलूस मुहल्ला शाह मोहम्मदपुर से दिन के 11 बजे इमामबाड़ों से निकाला गया। सिकठी स्थित शाह के पंजा देर शाम पहुंचा जहां ताजिए को दफन किया गया।
लालगंज संवाददाता के अनुसार, कस्बा लालगंज और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मुहर्रम का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। खनियरा गांव में ताजियादारों ने ताजिया के साथ-साथ विभिन्न खेलों का प्रदर्शन किया।ठेकमा संवाददाता के अनुसार केदलीपुर स्थित इमामचौक से ताजिए का जुलूस निकाला गया। जुलूस में नौहा पढ़ते और जंजीर का मातम करते हुए ठेकमा होते मिर्जापुर स्थित कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ। इसी प्रकार बिजौली, मैनपुर, सरायमोहन, इसहाकपुर,बक्सपुर,डेढ़दुआर, तम्मरपुर से ताजिए का जुलूस ढोल तासे के साथ निकला जो नुआवां स्थित कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ। जहानागंज संवाददाता केे अनुसार, जहानागंज और ग्रामीण क्षेत्रों में ताजिए का जुलूस निकाला गया जो कर्बला पर जाकर समाप्त हुआ।
सरायमीर संवाददाता के अनुसार, सरायमीर कस्बे से ताजिया का जुलूस बुधवार को शिया कमेटी द्वारा चौक स्थिति अबूतालिब इमामबाड़े से निकलकर अपने कदीम रास्ते से होता हुआ सदर इमामबाड़ा खरेवां पहुंचकर समाप्त हुआ। अंबारी संवाददाता के अनुसार, दीदारगंज क्षेत्र के हुब्बीगंज बाजार और आसपास के गांव राजापुर, पाइंदापुर, महमुदपुर, शेखवालियाआदि गांवों में मुहर्रम का त्योहार अकीदत के साथ हुआ।