आजमगढ़। अजमतगढ़ विकास खंड के सिकरौरा गांव में मनरेगा के कार्य को जेसीबी द्वारा कराए जाने का मामला प्रकाश में आया। जांच में मामला सही पाए जाने पर बीडीओ ने भुगतान न करने का आदेश दिया। पोखरी खुदाई का कार्य मस्टरोल निकाले बिना ही कराया जा रहा था। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिकरौरा के राजस्व गांव प्रयागपुर में ग्राम प्रधान द्वारा जेसीबी मशीन लगाकर पोखरी की खुदाई कराई जा रही थी। जबकि यह कार्य मनरेगा के तहत मजदूरों से होना चाहिए था। मनरेगा मजदूरों के स्थान पर जेसीबी से पोखरी की खुदाई कराए जाने की शिकायत गांव निवासी आशीष पांडेय ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी से 26 मई को किया था। डीएम के निर्देश के बाद खंड विकास अधिकारी ने इसकी जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत से कराया। एडीओ पंचायत ने जांच में मामला सही पाया। उक्त पोखरी की खुदाई के लिए कोई मस्टरोल नहीं निकाला गया था।