आजमगढ़। गलवान घाटी में जिस पर चीन ने कायरता का परिचय दिया और धोखे से हमला कर हमारे सैनिकों को शहीद किया। उसे लेकर चीन के प्रति लोगों में रोष बढ़ गया है। लोग जहां चीनी सामानों के बहिष्कार की बात कर रहे हैं। वहीं पूर्व सैनिक इस घटना में अपने जवानों की शहादत पर भड़के हुए हैं। उनका कहना है कि चीन को सबक सिखाने का यह सही समय है। अगर जरूरत पड़ी तो हम फिर से सीमा पर जाने को तैयार हैं।
काफी दिनों से चीन के साथ सीमा पर विवाद चल रहा था। इसको लेकर अधिकारियों द्वारा चीनी अधिकारियों के साथ बैठक कर लगातार शांति का प्रयास किया जा रहा था। इसी बीच गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने धोखे से हमारे जवानों को शहीद कर दिया। हालांकि निहत्थे होने के बावजूद उनके सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया और कई को घायल कर दिया। इसके बाद भी चीन की इस कायराना हरकत से पूरे देश में उबाल है। चीन को सबक सिखाने के लिए उसके सामानों का बहिष्कार करने की मांग की जा रही है। साथ ही सरकार से मांग की जा रही है कि वह चीन से सारे व्यापारिक रिश्तों केे खत्म करें। इन सबके बीच बुधवार केे पूर्व सैनिक कल्याण समिति की बैठक मुहल्ला सीताराम स्थित कार्यालय में हुई। जिसमें इस घटना में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई और चीन के प्रति गुस्से का इजहार किया गया।
चीन ने हमेशा हमारे साथ धोखा किया है। इस बार उसने धोखे से हमारे जवानों पर वार किया है। यह सही समय है कि उसे उसके इस धोखे का जवाब दिया जाए। अगर जरूरत पड़ी तो हम खुद सीमा पर जाकर देश की रक्षा करने को तैयार हैं। - कैप्टन नंदलाल यादव।
सरकार को चाहिए कि वह चीन के साथ सारे आयात निर्यात को बंद कर दे। क्योंकि वह हमारे देश में सामान बेंचकर उस पैसे का हमारे खिलाफ ही उपयोग करता है। देश की जनता को भी चीन के सामानों का बहिष्कार करना चाहिए। - रघुनाथ पांडेय, समिति के महामंत्री।
चीन ने यह जो कायराना हरकत है पूरे देश केे एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए। चीन के सामानों का बहिष्कार करना चाहिए। साथ ही चीन को सबक सिखाने का यह सही मौका है। अगर जरूरत पड़ी तो हम भी सीमा पर जाने को तैयार हैं। - जगधारी यादव।