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सीओ की जांच में नहीं मिला साक्ष्य, फिर भी दर्ज हुआ केस

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आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक में वर्चस्व को लेकर जंग चल रही है। पूर्व में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा न होने पाए इसके लिए वर्तमान टीम व जल्द तैनात किए गए डॉ. राहुल सिंह का मैटर अब कोतवाली तक पहुंच गया है। एक महिला कर्मी की एक माह पूर्व दी गई तहरीर पर शुक्रवार को शहर कोतवाली में डॉ. राहुल पर छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जबकि सीओ की जांच में शिकायतकर्ता व वर्तमान ब्लड बैंक टीम सीसी टीवी के वीडियो फुटेज को उपलब्ध नहीं करा सकी। ब्लड बैंक में शासन ने पैथलॉजिस्ट के रिक्त पद पर डॉ. राहुल की तैनाती किया है। पहले तो इन्हें पदभार ग्रहण कराने में हीलाहवाली की गई। किसी तरह पदभार ग्रहण कराया गया तो फिर काम करने से रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाने लगे। 18 मई को एक महिला कर्मी ने डॉ. राहुल पर हाथ पकड़ने व बुरी नियत से देखने का आरोप लगाते हुए एसआईसी को पत्रक दिया। इसके बाद तहरीर शहर कोतवाली में भी दी गई। जिसमें सीसी टीवी फुटेज उपलब्ध होने की बात भी कही गई। इस बीच प्रकरण की जांच सीओ सिटी सिद्धार्थ तोमर को मिल गई। दो दिनों पूर्व वे जांच को ब्लड बैंक पहुंचे और सीसी टीवी फुटेज की जांच करने लगे तो वह नहीं मिली। इसके पीछे यह तर्क दिया गया कि 20 दिन की रिकार्डिंग ही स्टोर रहती है। जिसके चलते घटना वाले दिन की फुटेज हट गई है। जांच में सीसी टीवी फुटेज नहीं मिली वहीं शुक्रवार को शहर कोतवाली पुलिस ने महिला कर्मी की तहरीर पर एक माह बाद डॉ. राहुल के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत कर लिया। शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत करने के साथ ही विवेचना शुरू कर दी है। अब देखना है कि पुलिस की विवेचना में क्या मामला सामने आता है।
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