मुबारकपुर नगरपालिका द्वारा नगर से गंदे पानी को बाहर निकालने के लिए नाले का निर्माण युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। लेकिन इस निर्माण में मानक और गुणवत्ता का कितना ख्याल रखा जा रहा है इसकी पोल बुधवार और गुरुवार को हुई हल्की बारिश ने खोल दी। नाला हल्की बारिश के पानी के दबाव को नहीं झेल सका और ताश के पत्तों के समान भरभरा कर बिखर गया।
बताते चलें कि मुबारकपुर के कटरा मुहल्ले में जल निकासी के लिए लगभग 50 लाख रुपये की लागत से नाले का निर्माण कराया जा रहा है। अभी नाले का निर्माण पूरा भी नहीं हुआ था कि बारिश शुरू हो गई। हल्की बारिश में नाले की दीवारें धराशाई हो गईं। जबकि अभी कुछ दिनों पूर्व ही मुहल्ले के लोगों ने सभासदों के साथ नाला निर्माण में अनियमितता की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। जिलाधिकारी द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई की जाती उससे पहले ही हल्की बारिश में नाला धराशाई हो गया। नाले के ध्वस्त होने की सूचना जैसे ही पालिका प्रशासन को हुई आनन-फानन में नाले के क्षतिग्रस्त भाग को मौके से हटा दिया गया। वहीं इस बात को लेकर लोगों में रोष व्याप्त है। मुहल्ले के लोगों ने डीएम से नाला निर्माण की व्यापक जांच कराने की मांग की है। पालिकाध्यक्ष डा. शमीम अंसारी और एडीएम प्रशासन/ प्रभारी अधिशासी अधिकारी आशुतोष द्विवेदी से संपर्क किया गया तो दिल्ली में होने के कारण संपर्क नहीं हो सका।