आजमगढ़। शहर के सड़कों की दशा किसी से छिपी नहीं है। नगर क्षेत्र की शायद की कोई सड़क हो चलने योग्य हो। लेकिन दुर्भाग्य की बात तो यह है जिले में कई माननीयों के आवास हैं वहीं उनके आवास से कुछ दूरी पर ही स्थित सड़क सालों से लोगों के दर्द का सबब बनी हुई है। लेकिन यह माननीयों को लोगों की मार्ग के चलने से होने वाली दुर्दशा दिखाई नहीं देती है।
नगर के रैदोपुर से हर्रा की चुंगी को जाने वाला मार्ग सालों से लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। वर्षों से लोग इस मार्ग पर हिचकोले खाते हुए आवागमन करने को विवश हैं। इस मार्ग का कुछ हिस्सा पीडब्ल्यूडी तो कुछ हिस्सा नगरपालिका के अधीन आता है। लगभग दो साल पूर्व जल निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने के लिए हर्रा की चुंगी से कोट चौराहे तक सड़क को खोदा गया। इसके बाद विभाग ने खोदे गए गड्ढों को मिट्टी से भर दिया। धीरे-धीरे यह गड्ढ़े लोगों के लिए नासूर बन गए। आवागमन दूभर हो गया। लोगों की मांग पर नगरपालिका ने इस पर कार्य तो कार्य ने कोट चौराहे से गुलामी का पुरा तक कार्य कराकर शेष मार्ग को उसी तरह से छोड़ दिया। जिसका परिणाम है कि इसके आगे का मार्ग लोगों के आवागमन में चुनौती बना हुआ है। जबकि इस मार्ग से कुछ दूरी पर लगभग 45 साल से विधायक दुर्गाप्रसाद यादव और जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव का आवास है। इसी मार्ग पर ही सपा के गोपालपुर विधायक नफीस अहमद और बसपा से विधायक रहे शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली का भी घर है। लेकिन इन लोगों द्वारा भी इस मार्ग की मरम्मत के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। वहीं इसी मार्ग पर शारदा चौराहा रैदोपुर के पास जो पीडब्ल्यूडी के अधीन मार्ग है जो पिछले वर्ष हुई बरसात में धंस गया। विभाग ने उसे ईंट के टुकड़े और मिट्टी को डालकर भर दिया। लेकिन विभाग के पास इस सड़क को दोबारा बनाने की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी। जिसका परिणाम है कि इस बार भी वहीं पर मार्ग धंस गया।
हाल ही में सदर विधायक ने प्रशासन के सौंपा था ज्ञापन
आजमगढ़। यह मार्ग काफी दिनों से जर्जर है लेकिन इसकी मरम्मत को लेकर जिम्मेदार विभाग लापरवाह बने हुए हैं। जिसे देखते हुए विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने लगभग 15 दिन पूर्व डीएम विशाल भारद्वाज को ज्ञापन सौंपकर इस मार्ग के मरम्मत की मांग की थी। लेकिन अभी तक इस मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो सकी है। आज भी लोग हिचकोले खाते हुए इस मार्ग से गुजरने को विवश हैं। नगर पालिका के ईओ मनोज कुमार ने बताया कि अभी हमारे पास अपने कर्मचारियों को देने के लिए पैसा ही नहीं है तो हम सड़क का निर्माण कहां से कराएंगे। जैसे ही बजट की व्यवस्था होगी सड़क का निर्माण करा दिया जाएगा।