ठेकमा। ब्लॉक के उसरी खुर्रमपुर पंचायत भवन की छत पांच साल बाद भी नहीं ढाली जा सकी। जिसके कारण आज भी किराये के भवन में पंचायत भवन का संचालन हो रहा है। अधूरे पंचायत भवन के निर्माण को पूरा कराने के लिए किसी अधिकारी ने पहल तक नहीं की।
क्षेत्र के उसरी खुर्रमपुर गांव में वर्ष 2020 में 15.75 लाख की लागत से पंचायत भवन के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। पंचायत भवन पूरा बन भी गया था, सिर्फ छत ढाली जानी थी। इसी बीच गांव के ही रहने वाले कुछ लोगों ने पंचायत भवन की जमीन को खलिहान और चरागाह की भूमि बताकर अधिकारियों से शिकायत करदी। इसके बाद तत्कालीन ब्लॉक अधिकारियों के निर्देश पर निर्माण रोक दिया गया। वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव में दूसरे प्रधान चुने गए और ग्राम सचिव का भी स्थानांतरण हो गया। एक तरफ जहां सरकार
पंचायत भवनों के निर्माण पर जोर दे रही है वहीं, दूसरी ओर उसरी खुर्रमपुर गांव के पंचायत भवन का निर्माण पूरा कराने के लिए किसी अधिकारी ने पहल नहीं की। इसके कारण पांच साल बाद भी पंचायत भवन की छत नहीं ढाली जा सकी। इस कारण किराये के भवन में पंचायत भवन का संचालन हो रहा है। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी महीप पांडेय ने बताया कि 2.13 लाख की सामग्री और 20 हजार मजदूरी का भुगतान पूर्व प्रधान के कार्यकाल में हुआ है।
पूर्व प्रधान और सचिव के प्रस्ताव पर पंचायत भवन बन रहा था। निर्माण रुकने के बाबत ब्लॉक और जिले से सूचना मांगी गई थी। इसे भेज दिया गया है। जमीन के विवाद का मामला सुलझ जाने के बाद जैसा आदेश होगा आगे का कार्य कराया जाएगा। - पवन कुमार, ग्राम सचिव।